
टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों उन्हें मैच फिनिशर कहा जाता है. लंबे इंतज़ार के बाद मैदान पर लौटे पंत ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से फैन्स का दिल जीत लिया. दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ पहले चार दिवसीय मैच में उन्होंने 90 रनों की तूफानी पारी खेली और भारत ए को तीन विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. इस जीत के साथ भारत ए ने दो मैचों की सीरीज़ में 1-0 की बढ़त बना ली है.
बल्ला बोला, गेंदबाज़ हैरान!
चौथे दिन जब भारत ए ने अपनी दूसरी पारी 119/4 से आगे बढ़ाई, तो पंत और आयुष बडोनी ने मोर्चा संभाला. दोनों ने सिर्फ 12 ओवर में 63 रन जोड़ दिए. पंत ने आते ही अपना गियर ऑन किया और दिन की दूसरी गेंद पर ही तेज़ गेंदबाज़ ओकुहले सेले को छक्का जड़ दिया. उसके बाद एक हाथ से खेले दो चौके तो उनके अंदाज़ की पहचान बन गए. उस ओवर में 14 रन आए और दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज़ों के लिए हालात बिगड़ने लगे. पंत का आत्मविश्वास, स्ट्रोकप्ले और अटैक देखकर ऐसा लगा मानो वो कभी चोटिल हुए ही नहीं.
एक गलती ने रोका शतक का सफर
पंत का शतक लगभग तय दिख रहा था, लेकिन एक छोटी-सी चूक ने उनके बल्ले को रोक दिया. तियान वान वुरेन की एक शॉर्ट गेंद को पंत ने पुल करने की कोशिश की, लेकिन टाइमिंग चूक गए और गेंद हवा में लहराती हुई लेसेगो सेनोक्वाने के हाथों में चली गई. 90 रन पर आउट होकर पंत जब लौटे, तो ड्रेसिंग रूम से लेकर दर्शक दीर्घा तक तालियां गूंज उठीं. हर कोई जानता था कि इस पारी ने उन्हें एक बार फिर सीनियर टीम में वापसी की दावेदारी में सबसे आगे खड़ा कर दिया है.
पुछल्लों ने किया कमाल, इंडिया ए की शानदार जीत
पंत और बडोनी के आउट होने के बाद मैच थोड़ी देर के लिए रोमांचक हो गया. भारत ए का स्कोर 7 विकेट पर 216 रन हो गया और अब भी 59 रन चाहिए थे लेकिन मानव सुथार (नाबाद 20) और अंशुल कंबोज (नाबाद 37) ने मोर्चा संभाला और ठंडे दिमाग से टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया. भारत ए ने 275 रन का टारगेट चेज़ कर तीन विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज की.