भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे टेस्ट मैच में ऋषभ पंत ने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। मुल्लांपुर में मैदान पर उतरते ही पंत भारत के लिए 50 या उससे अधिक टेस्ट मैच खेलने वाले केवल तीसरे विकेटकीपर बन गए। यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट इतिहास में बेहद खास मानी जाती है। खास बात यह है कि यह रिकॉर्ड ऐसे समय आया है जब हाल ही में उनसे टेस्ट टीम की उपकप्तानी वापस ली गई है।
धोनी और किरमानी की सूची में शामिल
इस उपलब्धि के साथ पंत अब भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज विकेटकीपरों की सूची में शामिल हो गए हैं। भारत के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट खेलने वाले विकेटकीपरों में महेंद्र सिंह धोनी 90 टेस्ट के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि सैयद किरमानी ने 88 टेस्ट खेले थे। अब पंत ने 50 टेस्ट पूरे कर इस खास क्लब में अपनी जगह बना ली है।
दिग्गजों को छोड़ा पीछे
पंत ने इस उपलब्धि के साथ कई पूर्व भारतीय विकेटकीपरों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने किरण मोरे के 49 टेस्ट और फारुख इंजीनियर के 46 टेस्ट के रिकॉर्ड को पार कर लिया। यह दिखाता है कि कम उम्र में ही पंत भारतीय टेस्ट क्रिकेट में कितना बड़ा नाम बन चुके हैं।
दुनिया में भी खास स्थान
विश्व क्रिकेट की बात करें तो पंत टेस्ट क्रिकेट में 50 मैच खेलने वाले दुनिया के चुनिंदा विकेटकीपरों में शामिल हो गए हैं। लंबे समय तक लगातार विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी करना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में यह उपलब्धि उनकी फिटनेस, निरंतरता और टीम में अहम भूमिका को दर्शाती है।
उपकप्तानी पर क्या बोले गंभीर
हाल ही में टेस्ट टीम की उपकप्तानी केएल राहुल को दिए जाने के बाद कई सवाल उठे थे। इस पर टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा कि टीम प्रबंधन चाहता है कि पंत फिलहाल अपने खेल पर पूरा ध्यान दें। उनका मानना है कि अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त होकर पंत बल्लेबाजी में और बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
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अब नजर बल्लेबाजी पर
रिकॉर्ड बनाने के बाद अब सभी की नजर पंत की बल्लेबाजी पर है। भारतीय टीम को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने कई यादगार पारियां खेलकर खुद को मैच विनर साबित किया है। ऐसे में यह टेस्ट मैच उनके लिए केवल एक रिकॉर्ड का दिन नहीं बल्कि अपनी उपयोगिता फिर साबित करने का भी बड़ा मौका माना जा रहा है।