देश के अलग-अलग राज्यों से हाल के महीनों में पति की हत्या से जुड़े कई सनसनीखेज मामले सामने आए हैं। कहीं जहरीले सांप से डसवाने का आरोप लगा, तो कहीं शव छिपाने या जहर देकर हत्या करने जैसे आरोप चर्चा में रहे। इसी बीच एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की रिपोर्ट ने ऐसे मामलों को लेकर कई दावे किए हैं। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि आधिकारिक एजेंसियों ने नहीं की है।
मेरठ केस से बढ़ी चर्चा
मेरठ में एक निजी स्कूल संचालक की मौत के मामले में उनकी पत्नी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। जांच में पुलिस ने दावा किया कि जहरीले सांप के जरिए हत्या की योजना बनाई गई थी। मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपों की विभिन्न पहलुओं से पड़ताल कर रही है।
रिपोर्ट में क्या दावा?
गुरुग्राम स्थित एक एनजीओ की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक पति की हत्या और कथित तौर पर वैवाहिक विवादों से जुड़ी आत्महत्या के 554 से अधिक मामले सामने आए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इनमें 322 मामलों में पत्नियों पर पति की हत्या का आरोप है, जबकि 232 मामलों में वैवाहिक तनाव के बीच पतियों द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात कही गई है। यह रिपोर्ट मीडिया में प्रकाशित खबरों के संकलन पर आधारित बताई गई है।
आधिकारिक डेटा अलग
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड से जुड़े आधिकारिक आंकड़ों में पति या पत्नी द्वारा जीवनसाथी की हत्या के मामलों की अलग श्रेणी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में एनजीओ ने अपने निष्कर्ष विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किए हैं। इसलिए इन आंकड़ों को आधिकारिक अपराध रिकॉर्ड के रूप में नहीं देखा जा सकता।
हत्या के तरीके भी चर्चा में
हाल के समय में सामने आए कई मामलों में हत्या के अलग-अलग तरीके जांच का विषय बने हैं। कहीं जहर देने, कहीं शव छिपाने, तो कहीं दुर्घटना या अन्य कारण का रूप देने की कोशिश जैसे आरोप लगे हैं। हालांकि, प्रत्येक मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत के फैसले और जांच पूरी होने के बाद ही तय होगा।
रिश्तों में बढ़ती दरार चिंता का विषय
विशेषज्ञों का मानना है कि वैवाहिक संबंधों में संवाद की कमी, आपसी विवाद, अविश्वास और विवाहेत्तर संबंधों जैसे कारण कई मामलों में गंभीर अपराधों की पृष्ठभूमि बनते हैं। ऐसे मामलों में समय रहते पारिवारिक संवाद, कानूनी सहायता और मनोवैज्ञानिक परामर्श जैसी व्यवस्थाएं तनाव को कम करने में मददगार हो सकती हैं।