इस वर्ष होली का पर्व दो और चार मार्च को मनाया जायेगा। पर्व के पहले और बाद यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखकर बस सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 28 फरवरी से नौ मार्च तक होली स्पेशल ज्यादा से ज्यादा बसों का संचालन किया जाएगा। इस अवधि में निगम के संचालन की आय में अधिकाधिक वृद्धि के उद्देश्य से पूर्व की तरह विशेष प्रोत्साहन योजना लागू करने की घोषणा की गई है।
प्रबंध निदेशक ने जारी किया आदेश
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन. सिंह ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रोत्साहन अवधि के प्रारम्भिक दिनों में दिल्ली से पूर्वी दिशा के यात्रियों को ले जाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में बसें चलायी जाएं जो होली पर्व की शाम तक यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाती रहें। ऐसी ही व्यवस्था लखनऊ व कानपुर नगरों में यातायात प्रबन्धन के लिये विभिन्न मार्ग के लिए की जाए।
60 प्रतिशत से अधिक यात्री लोड मिलता है
पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों से अगर गाजियाबाद/दिल्ली और पश्चिमी क्षेत्रों के अन्य स्थानों के लिए प्रारम्भिक प्वाइंटस से 60 प्रतिशत से अधिक यात्री लोड मिलता है तो सभी पूर्वी क्षेत्र उक्त निर्धारित अवधि में अतिरिक्त सेवाएं संचालित कर सकते हैं। होली के दिन और इसके पूर्व व अगले दिन प्रत्येक स्थान पर सामान्यतया स्थानीय व निकटवर्ती जनपदों के लिए आवागमन होता है।
क्षेत्रीय अधिकारी संचालन देखेंगे
पर्व की इस अवधि में यात्रियों को सेवा देने के लिए संचालन की रणनीतिक तैयारी प्रत्येक क्षेत्रीय अधिकारी करेंगे। होली के बाद वापसी ट्रैफिक के लिए विभिन्न क्षेत्रों/ स्थानों से यातायात प्रारम्भ होगा। मुख्यतः दिल्ली, जयपुर, कानपुर और लखनऊ से पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न नगरों को जाना होगा, जिसके लिये पर्याप्त संख्या में बसें संचालित की जाएं।
शत-प्रतिशत बसों को चलाया जाएगा
प्रोत्साहन योजना अवधि में शत-प्रतिशत निगम बसों को ऑनरोड किया जाये व लगातार चलाये जाने की व्यवस्था यथा-आवश्यक सुनिश्चित की जाये। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि मुख्यालय और क्षेत्रीय स्तर से प्रत्येक डिपो में अतिरिक्त असेम्बलीज व स्पेयर पार्टस की उपलब्धता बनी रहे। मुख्य प्रधान प्रबन्धक (प्राविधिक) रोजाना क्षेत्रों की आफरोड़ वाहनों की समीक्षा कर स्थिति से अवगत कराना सुनिश्चित करेंगे। बसों की प्रीवेन्टिव मेंटेनेंस प्रोत्साहन अवधि के प्रारम्भ होने से पूर्व कर ली जाये। यह तैयारी रहे कि कोई स्टाफ पर्व पर ब्रेक डाउन वाहनों में रहने को बाध्य न हो। ब्रेक डाउन विशेष प्राथमिकता पर अटेंड किया जाए।
10 दिन तक नहीं मिलेगी छुट्टी
एमडी ने निर्देश दिए हैं कि होली पर 28 फरवरी से नौ मार्च तक क्षेत्रों में तैनात सभी अधिकारी व कर्मचारी, संविदा व आउटसोर्सिंग पर तैनात कार्मिक अपने कर्तव्य व दायित्वों के निर्वहन के लिए अपने अधिकारियों को प्रत्येक दशा में उपलब्ध रहेंगे। मृत्यु या गम्भीर बीमारी जैसी अतिविशिष्ट परिस्थितियों को छोड़कर उक्त अवधि में अधिकारियों, पर्यवेक्षकों/चालकों/ परिचालकों और अन्य कर्मचारियों को कोई भी अवकाश, साप्ताहिक विश्राम/डीडीआर स्वीकृत नहीं किया जायेगा।
प्रोत्साहन योजना का लाभ मिलेगा
सभी सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक अधिकाधिक कर्मचारियों को प्रोत्साहन योजना का लाभ देने के लिए कार्य उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। ऐसा न हो कि कर्मचारी उपस्थित भी रहें व उन्हें बस संचालन कराने को न मिले। उन्होंने बताया कि इस अवधि में चालकों/परिचालकों, कार्यशाला व संचालन शाखा के कर्मचारियों पर्यवेक्षकों को ड्यूटी रोस्टर तैयार कर नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित कर दिया जाये।
ड्यूटी स्लिप कम्प्यूटर से जनरेट की जाएगी
साथ ही सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक डिपो सभी चालकों/परिचालकों और सम्बन्धित कर्मचारियों को उनके ड्यूटी रोस्टर के सम्बन्ध में सूचित करते हुये अनुपालन सुनिश्चित करें। ड्यूटी स्लिप कम्प्यूटर जनित होनी चाहिए, जो एक्स्ट्रा के रूप में निर्गत की जा सकेगी। कर्मचारियों को उचित निर्देश व अधिकारियों के नम्बर फ्लैक्स के माध्यम से प्रकाशित किये जायें।
टूल्स की न होने पाए कमी
पीक अवधि में मार्ग पर जाम या दुर्घटना की स्थिति में क्रेन के माध्यम से संचालन को सुचारु करायेंगे। सभी मार्गो पर क्षेत्र कों चेकिंग स्क्वायड सक्रिय रहेगा, जो बसों का सुचारु संचालन भी करायेगा। स्टोरट्रक, स्टेपनी टायर व आवश्यक पुर्जो के साथ ब्रेक डाउन आदि अटेंड करने को तैयार रखेंगे। बसों में टूल किट, जैक और फर्स्ट ऐड किट अनिवार्य रूप से हों। यह प्रबन्ध सेवा प्रबन्धक करेंगे।
ये है बस संचालन पर प्रोत्साहन राशि
ऐसे चालक/परिचालक जिसमें संविदा और आउटसोर्सिंग के चालक/परिचालक भी शामिल होगें जो न्यूनतम नौ दिनों में उपस्थित हो रोजाना निर्धारित औसत किलोमीटर का संचालन करते हैं तो 400 रुपए प्रति दिवस की दर से एकमुश्त 3600 रुपये का विशेष प्रोत्साहन का भुगतान किया जायेगा। इन्हें प्रोत्साहन अवधि में औसतन 300 किलोमीटर प्रतिदिन संचालन करना होगा।
4500 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जायेंगे
अगर ये कार्मिक 10 दिन की पूरी प्रोत्साहन अवधि तक ड्यूटी करते है और किलोमीटर का मानक पूरा करते है तो 450 रुपए प्रतिदिन की दर से प्रोत्साहन राशि 4500 रुपए देय होगी। संविदा/वाह्य स्रोत चालकों/परिचालकों को प्रोत्साहन अवधि में उपरोक्त निर्धारित मानक से अधिक किलोमीटर अर्जित करने पर अतिरिक्त किलोमीटर पर 55 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से अतिरिक्त मानदेय देय होगा।