दिल्ली के प्रगति मैदान में हुए एक बड़े तकनीकी कार्यक्रम में चार पैरों वाला रोबोट लोगों का ध्यान खींच रहा था। बच्चे उसके साथ तस्वीरें ले रहे थे और सोशल मीडिया पर उसकी चर्चा हो रही थी। इसी बीच एक सवाल सामने आया कि क्या ऐसे रोबोट का पेटेंट कराया जा सकता है? क्या यह सिर्फ दिखावे की चीज है या इसके पीछे कानूनी सुरक्षा भी जरूरी होती है?
रोबोट डॉग को लेकर विवाद
कार्यक्रम में एक निजी यूनिवर्सिटी ने रोबोटिक डॉग को अपनी उपलब्धि बताकर पेश किया। बाद में सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि यह मॉडल पहले से विदेश में बना हुआ है। इसके बाद बहस शुरू हो गई कि अगर कोई नई मशीन बनाई जाती है तो उसे कानूनी रूप से कैसे सुरक्षित किया जाता है। यही से रोबोट पेटेंट की चर्चा तेज हो गई।
क्या रोबोट का पेटेंट संभव है?
सीधा जवाब है हां। अगर कोई रोबोट नई तकनीक पर आधारित है, पहले से मौजूद मशीनों से अलग है और उसका व्यावसायिक उपयोग हो सकता है, तो उसका पेटेंट कराया जा सकता है। पेटेंट के लिए तीन बातें जरूरी होती हैं – आविष्कार नया हो, आम समझ से अलग हो और उद्योग में उपयोगी हो। रोबोट के हार्डवेयर के साथ-साथ उसका सॉफ्टवेयर, कंट्रोल सिस्टम और एआई तकनीक भी पेटेंट के दायरे में आ सकती है।
ये भी पढ़ें : सोना फिर चढ़ा रिकॉर्ड के करीब, चांदी 2.45 लाख पार, क्या आगे और बढ़ेंगे दाम?
आविष्कारक कौन माना जाता है?
एक जरूरी बात यह है कि कानून के अनुसार पेटेंट में इंसान का नाम ही आविष्कारक के रूप में दर्ज होता है। भले ही मशीन या एआई ने डिजाइन बनाने में मदद की हो, लेकिन कानूनी रूप से अधिकार इंसान को ही मिलता है। भारत, अमेरिका और यूरोप में यही नियम लागू है।
कितना आता है खर्च?
भारत में रोबोट का पेटेंट कराने में लगभग 25 हजार रुपये से शुरू होकर 1 लाख रुपये या उससे ज्यादा खर्च हो सकता है। इसमें सरकारी फीस, दस्तावेज तैयार करने की लागत और कानूनी सलाह शामिल होती है। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा चाहिए तो खर्च कई गुना बढ़ सकता है। विदेशों में यह लागत हजारों डॉलर तक पहुंच सकती है। पेटेंट को चालू रखने के लिए समय-समय पर शुल्क भी देना पड़ता है।
कहां और कैसे करें आवेदन?
भारत में पेटेंट के लिए आवेदन भारतीय पेटेंट कार्यालय में किया जाता है, जो उद्योग विभाग के तहत काम करता है। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है। अगर कोई कंपनी कई देशों में सुरक्षा चाहती है तो वह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के जरिए एक साथ कई देशों में आवेदन कर सकती है। आज रोबोटिक्स तेजी से बढ़ता क्षेत्र है, इसलिए पेटेंट सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि भविष्य के कारोबार की सुरक्षा भी है।