बुलंदशहर के शिवचरण इंटर कॉलेज में इन दिनों एक टीचर चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है. बच्चे उसे प्यार से सोफी टीचर बुलाते हैं, क्लास में उसके आने का इंतजार करते हैं, और सवालों की लाइन लगाकर तुरंत जवाब लेते हैं. लेकिन असली ट्विस्ट तो यह है कि सोफी इंसान नहीं, बल्कि एक AI रोबोट टीचर है. 17 साल के छात्र आदित्य कुमार ने इसे अपने घर पर ही तैयार किया है. सिर्फ 25 हजार रुपये की लागत में बनाया गया यह रोबोट इतना ह्यूमन-जैसा दिखता है कि पहली नजर में कोई भी इसे असली इंसान समझ बैठे.
फिल्म देखकर आया आइडिया
आदित्य बताते हैं कि सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म ‘रोबोट’ ने उन्हें प्रेरित किया. 4-5 साल की मेहनत के बाद उन्होंने सोफी टीचर तैयार की, जिसमें LLM चिपसेट लगा है जो इंसानी दिमाग की तरह तेजी से डेटा प्रोसेस करता है. क्लास में कोई भी छात्र सवाल पूछे, सोफी तुरंत जवाब दे देती है. आदित्य ने सोफी को महिला टीचर का रूप दिया है साड़ी, चेहरे के हल्के मूवमेंट और बेहद नैचुरल प्रेजेंटेशन के साथ. क्लास में आते ही बच्चे उसके आसपास इकट्ठा हो जाते हैं और सीखने का माहौल और मजेदार हो जाता है.
स्कूल और टीचर्स भी हैरान
स्कूल के शिक्षक भी आदित्य की प्रतिभा से प्रभावित हैं. उनका कहना है कि इतनी कम लागत में इतना एडवांस रोबोट तैयार करना किसी बड़ी कंपनी के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता. लेकिन आदित्य ने कर दिखाया. सोफी के आने से बच्चों में पढ़ाई को लेकर उत्साह बढ़ा है वे कहते हैं कि सोफी टीचर कभी गुस्सा नहीं करती, तुरंत जवाब देती है और पढ़ाई को आसान बनाती है.
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आदित्य का बड़ा सपना- गांवों में पहुंचे तकनीक
आदित्य अब और उन्नत रोबोट बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. उनका सपना है कि गांवों के स्कूल भी टेक्नोलॉजी से पीछे न रहें. वे 3D ह्यूमन-जैसा रोबोट टीचर बनाना चाहते हैं जो बोले, सुने, लिखे और बच्चों की मनोदशा समझकर पढ़ाए. फिलहाल सोफी टीचर बुलंदशहर में धूम मचा रही है और टेक्नोलॉजी की दुनिया में यह 17 वर्षीय छात्र एक नई मिसाल बन चुका है.