पेरिस ओलंपिक 2024 में 100 ग्राम अतिरिक्त वजन की वजह से विनेश फोगाट का मेडल सपना टूट गया था। अब ऐसी ही स्थिति का सामना महाराष्ट्र की 16 वर्षीय पहलवान रोहिणी खानू देवबा को करना पड़ा। अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में उनका वजन तय सीमा से 100 ग्राम ज्यादा निकला। इससे उनके सामने भारतीय टीम में जगह बनाने का सपना टूटने का खतरा खड़ा हो गया था।
बाल कटवाकर बचाया सपना
हरियाणा के सोनीपत में आयोजित ट्रायल के दौरान जब रोहिणी को अतिरिक्त वजन का पता चला तो उन्होंने हार नहीं मानी। समय बहुत कम था और वजन घटाना जरूरी था। ऐसे में उन्होंने तुरंत अपने कोच से कैंची मंगवाई और बाल कटवाने का फैसला किया। कुछ ही मिनटों में बाल कटने के बाद उनका वजन निर्धारित सीमा के भीतर आ गया और वह ट्रायल में हिस्सा लेने के योग्य हो गईं।
ट्रायल में दिखाया दम
वजन की समस्या दूर होने के बाद रोहिणी ने मैट पर शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने एक के बाद एक मुकाबले जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की। फाइनल मुकाबले में उन्होंने हरियाणा की मजबूत पहलवान वंशिका को हराया। कुल चार मुकाबले जीतकर रोहिणी ने अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली। उनका यह प्रदर्शन सभी के लिए प्रेरणा बन गया।
साधारण परिवार की असाधारण बेटी
रोहिणी महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के पट्टन कोडोली गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता भेड़-बकरियां चराकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद रोहिणी ने कुश्ती में अपनी अलग पहचान बनाई है। वह 2024 की अंडर-15 एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड और 2025 में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी वह आगे हैं और हाल ही में दसवीं कक्षा में 78 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
कोच बने सबसे बड़े सहारा
रोहिणी की सफलता के पीछे उनके कोच संदीप पाटिल की भी बड़ी भूमिका है। साल 2021 से वह रोहिणी की ट्रेनिंग, रहने और खाने का पूरा खर्च उठा रहे हैं। कोच का मानना है कि रोहिणी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने की क्षमता है। उन्होंने यहां तक कहा है कि जरूरत पड़ने पर वह अपनी जमीन गिरवी रख देंगे, लेकिन रोहिणी के सपनों को अधूरा नहीं रहने देंगे।
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अब वर्ल्ड चैंपियनशिप पर नजर
रोहिणी के लिए बाल कटवाने का फैसला सिर्फ वजन घटाने का उपाय नहीं था, बल्कि अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण की मिसाल भी था। अब उनका अगला लक्ष्य 27 जुलाई से 2 अगस्त तक अजरबैजान के बाकू में होने वाली अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करना है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि यह युवा पहलवान वहां तिरंगा लहराकर देश के लिए पदक जीतकर लौटेगी।