साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली 0-2 की हार ने टीम इंडिया को झकझोर दिया है, और अब वनडे मुकाबलों में पलटवार की तैयारी जोर पकड़ चुकी है। रांची में पहले मैच से पहले रोहित शर्मा और विराट कोहली का नेट पर जमकर पसीना बहाना यही दिखाता है कि इस बार इरादा सिर्फ जीत नहीं, बल्कि जोरदार जवाब देने का है। खास बात यह है कि दोनों दिग्गज अब एक ऐतिहासिक उपलब्धि के कगार पर हैं। रांची में मैदान पर उतरते ही रोहित-कोहली सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ की 391 मैचों वाली संयुक्त उपस्थिति का रिकॉर्ड पीछे छोड़ देंगे। फैंस के बीच उत्साह इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि धोनी के शहर में भारत हमेशा दमदार प्रदर्शन करता आया है।
गंभीर की प्लानिंग VS रोहित-कोहली का तूफानी फार्म
टीम इंडिया की वापसी के बीच नजरें गंभीर की रणनीति पर भी होंगी, क्योंकि टेस्ट सीरीज में सीनियर खिलाड़ियों को आराम देने के फैसले पर सवाल उठे थे। अब वनडे सीरीज में रोहित-कोहली की एंट्री के साथ पूरा माहौल बदल गया है। भारत के फैंस को उम्मीद है कि ये दोनों दिग्गज अफ्रीकी गेंदबाजों के खिलाफ छक्कों-चौकों की बारिश कर देंगे। कोहली की प्रैक्टिस सेशन में आक्रामक बल्लेबाजी यह साफ करती है कि इस बार अफ्रीकी गेंदबाज आसान लक्ष्य नहीं रहेंगे। रोहित की कप्तानी में टीम का आत्मविश्वास भी वापस लौटा है, और KL राहुल के साथ उनकी प्लानिंग मैदान पर असर दिखा सकती है।
सात बड़े खिलाड़ियों की एंट्री
वनडे सीरीज में भारत एक नहीं बल्कि सात बड़े और फ्रेश खिलाड़ियों के साथ उतर रहा है। रोहित और कोहली के अलावा रुतुराज गायकवाड़, हर्षित राणा, तिलक वर्मा, अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा टीम में वापसी या एंट्री कर रहे हैं। यह नई ऊर्जा साउथ अफ्रीका की चुनौती को और कठिन बनाने वाली है। KL राहुल भी पूरी तैयारी के साथ जिम्मेदारी निभाने उतरेंगे। टेस्ट हार के बाद अब हर खिलाड़ी बदले की भावना के साथ मैदान पर आएगा। टीम मैनेजमेंट का कहना है कि इस बार कोई ढिलाई नहीं होगी और हर एक मैच भारत के आत्मविश्वास को वापस लाने का मौका है।
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रिकॉर्ड, इतिहास और तीन मैदान
वनडे इतिहास में हालांकि साउथ अफ्रीका का पलड़ा भारत पर भारी रहा है। 94 में से 51 मैच अफ्रीका ने जीते हैं जबकि भारत के नाम सिर्फ 30 जीत हैं। लेकिन इस बार हालात बदल सकते हैं क्योंकि रांची, रायपुर और विशाखापट्टनम—ये तीनों मैदान टीम इंडिया के लिए लकी साबित हुए हैं। खासकर धोनी के शहर रांची में भारत का रिकॉर्ड बेहद शानदार है। इस बार फैंस को सिर्फ मैच नहीं बल्कि एक तूफानी सीरीज की उम्मीद है, जहां रोहित-कोहली की जोड़ी मैदान पर इतिहास लिख सकती है और गंभीर की प्लानिंग भी भारतीय तूफान के आगे कमजोर पड़ सकती है। अब सबकी निगाहें 30 नवंबर के मुकाबले पर हैं जहां भारतीय टीम अफ्रीका से टेस्ट हार का हिसाब बराबर करना चाहेगी।