मेरठ। कपसाड प्रकरण जैसे-जैसे ठंडा पड़ता जा रहा है, वैसे-वैसे रोनू हत्याकांड को लेकर राजनीति गरमाने लगी है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने को लेकर विपक्षी दलों ने हुंकार भरनी शुरू कर दी है। इस घटना के विरोध में जहां सपाइयों ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे भीम आर्मी के नेता को सहारनपुर पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रोनू की मौसी के गांव ज्वाला गढ़ की हर गतिविधि पर नजर रखनी शुरू कर दी और गांव में पुलिस फोर्स मुस्तैद कर दी गई। विपक्षी दल पीड़ित परिवार की 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे हैं।
पांच जनवरी को सरधना थाना क्षेत्र के अक्खेपुर-रार्धना रोड पर मुजफ्फरनगर जिले के नगर कोतवाली के मोहल्ला हनुमान चौक निवासी रोनू कश्यप उर्फ सोनू हत्या करने के बाद शव जला दिया गया था। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर बाल अपचारी टेंपो में चालक को पकड़ लिया था। विवाद टेंपो में तेज आवाज में गाना को लेकर हुआ था। वारदात के समय वह सरधना थाना क्षेत्र के ज्वाला गढ़ में मौसी से मिलने आ रहा था। अब इस मामले को राजनीतिक गरमा गई है और विपक्षी दल पीड़ित की मदद के लिए हुंकार भर रहे हैं। मंगलवार को इस घटना के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व आसपा अध्यक्ष व नगीना सांसद चंद्रशेखर ने एक्स पर बयान जारी कर घटना की निंदा कर चुके हैं और पुलिसिंग पर सवाल उठा चुके हैं। बुधवार के इस घटना के विरोध में सपा के किठौर विधायक शाहिद मंजूर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुनीता प्रधान, सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गूमी, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विजय पाल कश्यप, पूर्व विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि, सुभाष यादव, जितेंद्र गुर्जर, मनीष शर्मा के नेतृत्व में काफी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया था।
इससे पहले सपा कार्यकर्ता कमिश्नर पार्क पर एकत्र हुए थे और वहां से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। सपा नेताओं की मांग की थी कि पीड़ित परिवार की 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद की जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और घटना का सही अनावरण किया जाए। इस संबंध में सपा नेताओं ने एक ज्ञापन भी दिया। उधर, पीड़ित परिवार से कपसाड़ और ज्वाला गढ़ मिलने आ रहे भीम आर्मी (जय भीम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह नौटियाल को सहारनपुर के बेहट स्थित उनके आवास के बाहर पुलिस ने रोककर हाउस अरेस्ट कर लिया। उधर, रोनू हत्याकांड को लेकर गरमाई राजनीति को देखते हुए पुलिस ने कपसाड की तरह ज्वाला गढ़ गांव की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी और पुलिस मुस्तैद कर दी है।
पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए: सांसद चंद्रशेखर
पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे आसपा अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर को पुलिस ने रोक दिया था। इसके बाद उन्होंने पीड़ित परिवार से वीडियो कॉल के माध्यम से बात की। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग रखी। साथ ही कहा, सरकार लोकतंत्र का चीरहरण कर रही है। मदद करने वालों के साथ जब ऐसा सलूक हो रहा है तो यह कैसे मान लिया जाए कि पुलिस-प्रशासन पीड़ितों को न्याय दिला पाएगा। पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। सरकार उन्हें पीड़ितों से मिलने नहीं दे रही तो वह उसे गोली मार दे। यह सारा मामला ही खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वह काफी जिद्दी हैं, वह अधिवक्ता और जनप्रतिनिधि हैं, इसलिए कानून का पालन करना जानते हैं।
इनका कहना है...
इस घटना का पटाक्षेप हो चुका है। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर बाल अपचारी को पकड़ लिया था। अगर किसी ने माहौल खराब करने का प्रयास किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।