मेरठ-खुर्जा रेलवे लाइन पर एक बेहद खतरनाक स्टंट करते हुए तीन युवकों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) हरकत में आ गया है. वायरल वीडियो मेरठ जिले के चांदसारा हॉल्ट के पास का बताया जा रहा है, जहां तीन युवकों ने रेलवे ट्रैक पर दो मोटरसाइकिलें खड़ी कर दीं और उनके टायरों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. इतना ही नहीं, आग की लपटों के बीच ये युवक स्टंट करते हुए वीडियो रील भी बना रहे थे.
अगर उसी समय ट्रेन आ जाती, तो यह स्टंट एक बड़े हादसे में तब्दील हो सकता था. इस लापरवाही और रेलवे की सुरक्षा से खिलवाड़ करने पर RPF ने तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है.
गिरफ्तार हुए तीनों आरोपी
आरपीएफ उपनिरीक्षक अनिल कुमार तेवतिया के अनुसार, वीडियो सामने आने के बाद तत्काल जांच शुरू की गई. जांच के आधार पर मेरठ के गांव फफूंडा निवासी तरुण गोस्वामी, शाहिद और शहजाद को गिरफ्तार कर लिया गया है. दोनों बाइकों को भी जब्त कर लिया गया है.
तीनों आरोपियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है. यह धारा रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या उसकी सुरक्षा में बाधा उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ लगाई जाती है.
सोशल मीडिया रील्स पर निगरानी
आरपीएफ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रेलवे ट्रैक और परिसरों में इस प्रकार की रील्स बनाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यात्रियों की जान को भी खतरे में डालता है. रेलवे सुरक्षा बल अब सोशल मीडिया पर इस प्रकार की गतिविधियों पर विशेष नजर रखे हुए है.
RPF की सख्त चेतावनी
आरपीएफ ने चेतावनी दी है कि रेलवे ट्रैक या रेलवे संपत्ति के आसपास कोई भी व्यक्ति स्टंट या रील बनाते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. आरपीएफ का यह भी कहना है कि लोगों को जागरूक होने की जरूरत है कि कुछ लाइक्स और फॉलोअर्स के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालना बेहद गैरजिम्मेदाराना और अपराध की श्रेणी में आता है.
क्या कहता है कानून?
रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत रेलवे ट्रैक पर किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर दोषी को 5 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है.