जबलपुर में 30 अक्टूबर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय बैठक होने जा रही है। इस बैठक में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले समेत देशभर के करीब 200 शीर्ष पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य शताब्दी वर्ष की तैयारियों की समीक्षा और देश के राजनीतिक-सामाजिक हालात पर फीडबैक लेना है। संघ प्रमुख जबलपुर में पांच दिन तक रहेंगे और बैठक में संगठन के आगामी दशक की दिशा तय की जाएगी।
बैठक में शामिल होंगे शीर्ष पदाधिकारी
तीन दिवसीय बैठक में 46 प्रांतों के संघ प्रमुख, सरकार्यवाह, प्रचारक और सह-प्रांत प्रमुख मौजूद रहेंगे। यह सिर्फ संगठनात्मक बैठक नहीं बल्कि शताब्दी वर्ष के लिए रणनीतिक नीति-निर्धारण का मंच होगी। बैठक में 2021 में तय किए गए लक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी और आगामी कार्य योजना तैयार की जाएगी।
शाखा विस्तार और युवा सशक्तिकरण
संघ का लक्ष्य है कि 2026 तक शाखाओं की संख्या 1 लाख से अधिक हो। प्रत्येक शाखा को स्थानीय समाज-संवाद, सेवा कार्य और राष्ट्र चिंतन का केंद्र बनाया जाएगा। युवाओं को विद्यालय, विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थानों में जोड़कर उन्हें संगठन के विचारों में भागीदार बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सामाजिक समरसता और संस्कृति की रक्षा
बैठक में जाति-भेद मिटाने, समान अवसर और संवेदनशील समाज निर्माण पर चर्चा होगी। इसके अलावा परिवार, पर्यावरण और संस्कृति के संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को भी शताब्दी वर्ष में बढ़ावा दिया जाएगा।
महाकौशल में बैठक का महत्व
जबलपुर का चयन केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और संगठनात्मक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र संघ के प्रारंभिक विस्तार का केंद्र रहा है। बैठक के दौरान सेवा प्रकल्प, सांस्कृतिक यात्राएं, युवा-शिविर और महिला सशक्तिकरण अभियान जैसे कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी।