मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े संगठन राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने अल्पसंख्यक समुदाय को राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ने के लिए बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी की है। अगले सप्ताह से शुरू होने वाले इस अभियान के तहत प्रदेश के कई जिलों में संपर्क और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इस पहल को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है और विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
अल्पसंख्यकों तक पहुंच बनाने की रणनीति
राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने मध्यप्रदेश में मुस्लिम समुदाय के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए विस्तृत योजना तैयार की है। इसके तहत उज्जैन, इंदौर, भोपाल, जबलपुर, खंडवा, बुरहानपुर, देवास, शाजापुर और श्योपुर जैसे जिलों में अभियान चलाया जाएगा। संगठन का उद्देश्य संवाद के जरिए दूरी कम करना बताया जा रहा है।
राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ने का प्रयास
मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि समय के साथ मुस्लिम समाज में भी बदलाव आया है और अब वे राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों को समझ रहे हैं। अभियान के तहत सदस्यता अभियान, प्रशिक्षण शिविर और संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे लोगों को संगठन की विचारधारा से जोड़ा जा सके।
कांग्रेस ने साधा निशाना
इस पहल को लेकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह कदम राजनीतिक उद्देश्य से उठाया गया है और चुनाव को ध्यान में रखते हुए अल्पसंख्यकों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस ने इसे एक रणनीति बताते हुए सवाल खड़े किए हैं।
बीजेपी ने किया समर्थन
वहीं बीजेपी ने इस अभियान का समर्थन किया है। पार्टी का कहना है कि यह एक सामाजिक और राष्ट्र चेतना से जुड़ा प्रयास है। बीजेपी नेताओं के अनुसार, इस तरह की पहल से समाज में एकता और जागरूकता बढ़ेगी और इसे राजनीतिक नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी हलचल
इस अभियान के ऐलान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आगामी चुनावों को देखते हुए सभी दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं, ऐसे में यह पहल राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।