अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की गिनती में सामने आई कथित अनियमितताओं को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने चिंता व्यक्त की है। कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक के दौरान इस विषय पर चर्चा हुई। बैठक में संघ ने कहा कि मामले की जांच जारी है और उसे उम्मीद है कि जांच एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से पूरे प्रकरण को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाएंगी। साथ ही, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपेक्षा भी जताई गई।
तीर्थ क्षेत्र न्यास से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपेक्षा
बैठक के बाद जारी आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया कि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अनुरोध पर चल रही एसआईटी और पुलिस की कार्रवाई निर्णायक चरण की ओर बढ़ रही है। संघ ने उम्मीद जताई कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही न्यास से यह भी अपेक्षा की गई कि भविष्य में ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न न हो, जिससे करोड़ों राम भक्तों की श्रद्धा और विश्वास प्रभावित हो।
जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताया
बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि संवेदनशील धार्मिक संस्थानों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए इस मामले में चल रही कानूनी और जांच प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखने की बात कही गई। संघ का मानना है कि तथ्यों के आधार पर जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
बैठक में कई राष्ट्रीय मुद्दों पर भी हुई चर्चा
बेलगावी में आयोजित तीन दिवसीय बैठक में केवल राम मंदिर से जुड़े विषय ही नहीं, बल्कि जनसांख्यिकीय संतुलन, नशा मुक्ति अभियान, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम विकास, परिवार प्रबोधन और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष से जुड़े कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श हुआ।
226 कार्यकर्ताओं की रही भागीदारी
बैठक में संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित 226 वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान देशभर में आयोजित संघ शिक्षा वर्गों और प्रशिक्षण शिविरों की समीक्षा भी की गई। जानकारी दी गई कि इस वर्ष विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हजारों स्वयंसेवकों ने भाग लिया, जहां शाखा संचालन, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और ग्राम विकास जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।