Imran Khan death spark uproar: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों ने पूरे देश में हलचल पैदा कर दी। अफगानिस्तान के कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने दावा किया कि इमरान की अदियाला जेल में हत्या कर दी गई है, जिसके बाद पाकिस्तान में उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए। हालांकि जेल प्रशासन ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि इमरान खान स्वस्थ हैं और जेल में सुरक्षित हैं। अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें नियमित मेडिकल सुविधा मिल रही है और न ही उन्हें कहीं स्थानांतरित किया गया है। मई 2025 में भी इसी तरह की झूठी खबरें वायरल हुई थीं, जिनका बाद में खंडन किया गया था।
पुलिस कार्रवाई पर बवाल
इमरान खान की मौत की अफवाहों के पीछे असली वजह उनकी बहनों पर हुई पुलिस कार्रवाई बताई जा रही है। उनकी तीनों बहनें—नूरीन नियाज़ी, अलीमा खान और डॉ. उज़्मा खान—एक महीने से बंद मुलाकातों के विरोध में अदियाला जेल के बाहर धरना दे रही थीं। अचानक रोशनी बंद होते ही पंजाब पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। नूरीन ने आरोप लगाया कि 71 वर्ष की उम्र में उन्हें बाल पकड़कर सड़क पर घसीटा गया, जबकि अन्य महिलाओं को थप्पड़ मारे गए। इस घटना ने पीटीआई समर्थकों में गुस्सा भड़का दिया और हजारों लोग जेल के बाहर जमा हो गए। विरोध के बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया कि मुलाकातें जल्द शुरू होंगी।
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तनाव बढ़ा, सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग
इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं और परिवार का आरोप है कि उन्हें एकांत कारावास में रखा गया है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भले ही दावा कर रहे हों कि इमरान को पहले से बेहतर इलाज मिल रहा है, लेकिन पीटीआई इसे दमन बताती है। सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों ने देश में तनाव और बढ़ा दिया, जिसके बाद जेल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि ये कयासबाज़ियां पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता को और गहरा कर रही हैं। वहीं भारत के लिए भी यह स्थिति पड़ोसी देश में बढ़ते तनाव का संकेत है, जो सीमाई सुरक्षा पर असर डाल सकती है।