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Largest attack on Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच जंग और भी भयावह होती जा रही है। शनिवार तड़के रूसी सेना ने यूक्रेन के विभिन्न शहरों को निशाना बनाते हुए एक भीषण हमला किया। इस दौरान रूस ने करीब 619 ड्रोन और 50 से ज्यादा बैलिस्टिक व क्रूज मिसाइलें दागीं। हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि हमले नौ क्षेत्रों में हुए, जिनमें कीव, ओडेसा, खार्किव, जापोरिजिया और निप्रॉपेट्रोस जैसे बड़े शहर शामिल हैं। रूस ने खास तौर पर बुनियादी ढांचे और आवासीय इलाकों को निशाना बनाया।
यूक्रेन का पलटवार और भारी तबाही
यूक्रेन की वायुसेना के अनुसार, रूस की ओर से छोड़े गए 619 ड्रोन और मिसाइलों में से 579 ड्रोन, आठ बैलिस्टिक और 32 क्रूज मिसाइलों का पता लगाया गया। इनमें से यूक्रेनी सेना ने 552 ड्रोन, दो बैलिस्टिक और 29 क्रूज मिसाइलें मार गिराने का दावा किया। इसके बावजूद कई ऊंची इमारतें और घर क्षतिग्रस्त हुए, खासकर द्निप्रो शहर में क्लस्टर हथियार से लैस मिसाइल ने एक बहुमंजिला इमारत को तबाह कर दिया। द्निप्रोपेट्रोव्स्क क्षेत्र में हुए हमलों में कम से कम 26 लोग घायल बताए गए हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि यह हमला किसी सैन्य आवश्यकता का हिस्सा नहीं बल्कि नागरिकों को डराने और ढांचा नष्ट करने की सोची-समझी रणनीति है।
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एस्टोनिया के हवाई क्षेत्र विवाद पर भी बढ़ा तनाव
इस बीच रूस पर एस्टोनिया के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने का आरोप भी लगा है। एस्टोनिया सरकार ने दावा किया कि तीन रूसी लड़ाकू विमान उसके क्षेत्र में 12 मिनट तक घुसे रहे। हालांकि, रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस आरोप से इनकार किया। एस्टोनिया ने इस मुद्दे पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और नाटो के अनुच्छेद 4 के तहत सहयोगी देशों से परामर्श की मांग की। वहीं, जेलेंस्की ने कहा कि वह अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे और रूस के हमलों का मुद्दा जोरशोर से उठाएंगे।