रूस की तेल और गैस से होने वाली कमाई में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 में रूस का कुल रेवेन्यू 617 अरब रूबल यानी करीब 7.72 अरब डॉलर रहा। यह फरवरी के मुकाबले थोड़ा ज्यादा जरूर है, लेकिन पिछले साल मार्च के मुकाबले इसमें 43 फीसदी की भारी गिरावट आई है। ये आंकड़े रूस का वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हैं, जिससे रूस की आर्थिक स्थिति को लेकर नई तस्वीर सामने आई है।
ईरान युद्ध के बाद बदल सकती है तस्वीर
विशेषज्ञों का मानना है कि ये आंकड़े अभी पूरी तस्वीर नहीं दिखाते, क्योंकि ये फरवरी के उत्पादन और मार्च के अंत तक हुए भुगतान पर आधारित हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान से जुड़े तनाव के बाद तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसका असर अप्रैल के आंकड़ों में दिख सकता है। यानी आने वाले समय में रूस की कमाई फिर से बढ़ सकती है।
पहली तिमाही में भी बड़ा नुकसान
साल 2026 की पहली तिमाही में रूस की तेल और गैस से कुल कमाई 1.44 ट्रिलियन रूबल रही है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 45 फीसदी कम है। यह गिरावट इस बात का संकेत देती है कि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव और राजनीतिक परिस्थितियों का रूस की आय पर सीधा असर पड़ रहा है।
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बजट के लिए अहम है तेल-गैस सेक्टर
रूस की अर्थव्यवस्था में तेल और गैस सेक्टर की हिस्सेदारी बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार ने इस साल बजट में करीब 8.92 ट्रिलियन रूबल की आय का अनुमान इसी सेक्टर से लगाया है। कुल सरकारी आय में लगभग एक चौथाई हिस्सा तेल और गैस से आता है। पिछले साल रूस का राजकोषीय घाटा 5.6 ट्रिलियन रूबल रहा था, जो उसकी जीडीपी का करीब 2.6 फीसदी था।
वैश्विक हालात का सीधा असर
यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों ने रूस से तेल और गैस खरीदना काफी हद तक बंद कर दिया था। इसके बाद रूस ने भारत और चीन जैसे देशों को डिस्काउंट पर तेल बेचना शुरू किया और इन बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत की। हालांकि बाद में कुछ दबावों के चलते खरीद में कमी भी आई।
फिर रूस के पक्ष में झुकता संतुलन
अब ईरान से जुड़े तनाव और वैश्विक तेल बाजार में बदलाव ने रूस को फिर से मौका दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस अब पहले से ज्यादा कीमत पर तेल बेच पा रहा है। अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले महीनों में रूस की कमाई में फिर से तेजी देखी जा सकती है।