India-US tariffs ease: भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ को लेकर बड़ा कूटनीतिक संकेत सामने आया है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि यदि भारत अपने ऊर्जा आयात के स्रोतों में बदलाव करता है, तो टैरिफ कम या हटाए जाने का रास्ता खुल सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब वैश्विक ऊर्जा राजनीति और व्यापार समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
टैरिफ हटाने का रास्ता खुला
दावोस में बातचीत के दौरान स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ के बाद भारत की रूसी तेल खरीद में स्पष्ट गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने इसे अमेरिका की नीति की “सफलता” बताया। उनके अनुसार, टैरिफ अभी लागू हैं, लेकिन कूटनीतिक समाधान के जरिए इन्हें हटाया जा सकता है, बशर्ते भारत ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाए।
अमेरिका का दावा
अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने रूस से तेल खरीद कम कर दी है। उन्होंने इसे व्यापारिक रणनीति का सकारात्मक परिणाम बताया। अमेरिका का मानना है कि इस तरह के कदम उसकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक नीति दोनों को मजबूती देते हैं।
भारत की बढ़ी चिंता
इस बयान के बीच अमेरिकी कांग्रेस में एक प्रस्तावित विधेयक पर भी चर्चा चल रही है, जिसके तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भारी शुल्क लगाया जा सकता है। इससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है। भारत सहित कई देश इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
इंडिया फर्स्ट नीति पर कायम
भारत ने साफ किया है कि उसकी ऊर्जा नीति ‘इंडिया फर्स्ट’ सिद्धांत पर आधारित है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश की प्राथमिकता 1.4 अरब नागरिकों के लिए किफायती और सुरक्षित ऊर्जा सुनिश्चित करना है। प्रस्तावित अमेरिकी कदमों को लेकर भारत स्थिति का आकलन कर रहा है, लेकिन ऊर्जा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।