नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी बहु प्रतीक्षित भारत यात्रा पर नई दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर देर शाम पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद एयरपोर्ट पर पहुंचकर उनकी अगवानी की। इससे पहले एक चैनल से बातचीत करते हुए पुतिन ने कहा कि भारत और रूस पर बहुत अंतरराष्ट्रीय दबाव है खासकर तेल को लेकर।
पुतिन ने कहा कि भारत और रुस का ऊर्जा के क्षेत्र में समझौता स्थायी है। यह खतरे में नहीं है। आज भारत से कोई भी देश ऐसे बात नहीं कर सकता जैसे पहले करते थे। भारत को अपने पीएम पर गर्व होना चाहिए। पीएम मोदी किसी विदेशी दबाव में नहीं आते ।
भारत भरोसेमंद साझेदार है
पुतिन ने कहा कि भारत के साथ रक्षा समझौते केवल यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कहीं आगे है। मिसाइल से लेकर आधुनिक हथियारों तक रूस के साथ भारत का सहयोग है। भारत और रूस के रक्षा संबंध पहले से ही मजबूत है।
भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार कम हुआ है
पुतिन ने स्वीकार किया कि भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार कुछ कम हुआ है लेकिन सारी स्थितियां पहले जैसी हैं। हमारा परस्पर सहयोग पहले जैसा ही है।
एआई से चुनौतियां बढ़ी
रूस के राष्ट्रपति ने कहा कि एआई से पूरी दुनिया में ही चुनौतियां बढ़ी हैं। हम वो रास्ता चुनेंगे जो बेहतर होगा। छोटे न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाने में रूस आगे है। ये संयंत्र बनाने वाला अकेला रूस है। भारत के साथ इस विषय में भी वार्ता होनी है।
हम शांति चाहते हैं
यूक्रेन मसले पर पुतिन ने कहा कि हम युद्ध नहीं चाहते। हम शांति चाहते हैं लेकिन पश्चिम के कारण हालात खराब हुए हैं। तभी यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई को जारी रखा गया।
ट्रंप पर ये बोले पुतिन
रूस के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। ट्रंप के अपने सरोकार हैं और हमारे। हम दोनों किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते और न ही किसी के दबाव में आते हैं । ट्रंप के बारे में आकलन वहां के लोग करेंगे जिन्होंने उनको वोट दिया है।
मोदी ने पुतिन का गले लगाकर किया स्वागत
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी बहु प्रतीक्षित भारत यात्रा पर नई दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर देर शाम पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद एयरपोर्ट पर पहुंचकर उनकी अगवानी की। रेड कार्पेट पर आगे बढ़कर पीएम मोदी ने गले लगाकर अपमे मित्र का स्वागत किया ।
कार में एक साथ बैठे पुतिन-मोदी
इसके बाद पुतिन और मोदी एक बार फिर कार में एक साथ बैठे। पुतिन ने इसको बताया भी- सामने मेरी कार थी। मैंने मोदी से कहा-आओ चलें। हम दोस्तों की तरह साथ-साथ बैठे। काफी बातचीत हुई जैसे दोस्तों के बीच होती है। इससे पहले सितंबर में तियानजिन शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जब एक ही कार में सवार होकर शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे ।
पुतिन की यह यात्रा चार वर्ष के अंतराल पर हो रही है। इससे पहले वह 2021 में भारत आए थे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पुतिन के कार्यक्रमों में शुक्रवार को 23 वें भारत रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के साथ वार्ता सबसे प्रमुख आयोजन है ।
डिनर पर वार्ता
राष्ट्रपति पुतिन के सम्मान में प्रधानमंत्री ने उनके सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया है। इस दौरान शिखर सम्मेलन से पहले दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय , द्विपक्षीय और वैश्विक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर खुलकर बातचीत होने की संभावना है।