न्यूजीलैंड दौरे से पहले ऋतुराज गायकवाड़ ने घरेलू क्रिकेट में अपने बल्ले की ताकत दिखा दी। महाराष्ट्र की ओर से रणजी ट्रॉफी में खेलते हुए उन्होंने झारखंड के खिलाफ मुश्किल हालात में शानदार शतक जमाया। सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे ऋतुराज ने नाबाद 101 रन बनाए। उनकी इस पारी ने महाराष्ट्र को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। खास बात यह रही कि उन्होंने अपनी पारी में आक्रामकता के बजाय धैर्य को प्राथमिकता दी।
169 गेंदों में पूरा किया शतक
ऋतुराज गायकवाड़ ने 169 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका 10वां शतक है। वह 101 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनकी पारी का एक आंकड़ा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। ऋतुराज ने कुल 103 गेंदों पर कोई रन नहीं बनाया। यानी उन्होंने कई गेंदों पर जोखिम लेने के बजाय संभलकर खेलना बेहतर समझा। उनका यह अंदाज दिखाता है कि परिस्थितियों के हिसाब से बल्लेबाजी करना कितना जरूरी होता है।
महाराष्ट्र ने खड़ा किया 527 रन का पहाड़
ऋतुराज के अलावा महाराष्ट्र के दूसरे बल्लेबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने पहली पारी में 527 रन बनाए। अंकित बावने ने 169 रन की बड़ी पारी खेली, जबकि दिग्विजय पाटिल ने 148 रन जोड़े। इन पारियों की बदौलत महाराष्ट्र ने झारखंड के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। टीम की बल्लेबाजी में अनुभव और धैर्य दोनों देखने को मिले।
बावने के साथ 182 रन की साझेदारी
ऋतुराज गायकवाड़ और अंकित बावने के बीच 329 गेंदों में 182 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने महाराष्ट्र की पारी को मजबूती दी। एक छोर पर बावने लगातार रन बनाते रहे, जबकि ऋतुराज ने विकेट संभालते हुए टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों ने झारखंड को विकेट के लिए तरसाया और महाराष्ट्र को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
झारखंड की पहली पारी 169 रन पर सिमटी
महाराष्ट्र के 527 रन के जवाब में झारखंड की टीम पहली पारी में केवल 169 रन बना सकी। इस तरह महाराष्ट्र को पहली पारी में बड़ी बढ़त मिली। महाराष्ट्र के बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद गेंदबाजों ने भी अपना काम बखूबी किया। झारखंड के लिए मुकाबले में वापसी करना अब आसान नहीं रह गया था। महाराष्ट्र ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन किया।
न्यूजीलैंड दौरे से पहले मिला आत्मविश्वास
ऋतुराज गायकवाड़ को न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम में जगह मिली है। वह इंडिया-ए से जुड़े कार्यक्रमों के लिए भी चुने गए हैं। ऐसे में रणजी ट्रॉफी में लगाया गया यह शतक उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला है। अब उनकी नजर घरेलू प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहराने पर होगी। न्यूजीलैंड दौरे पर उन्हें मौका मिलता है, तो यह फॉर्म उनके लिए काफी अहम साबित हो सकती है।