भारत की उन्नत S-400 वायु रक्षा प्रणाली, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमानों को मार गिराया था, 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार प्रदर्शित की जाएगी। यह प्रणाली डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स की झांकी में दिखाई जाएगी, जो ट्राई-सर्विसेज टेब्लो- ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा है। एयर कमोडोर मनीष सबरवाल का कहना है कि यह प्रणाली ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का प्रतीक है। चार दिनों के संघर्ष के दौरान इसने पाकिस्तान के 5-6 लड़ाकू के साथ एक जासूसी विमान को मार गिराया था। इस वर्ष ऑपरेशन सिंदूर झांकी तीनों सेनाओं की संयुक्त सफलता पर केंद्रित होगी। कर्तव्य पथ पर कुल 30 झांकियां होंगी। इनमें 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों की होंगी। वंदे मातरम और आत्मनिर्भर भारत की थीम पर आधारित ये झांकियां देश की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाएंगी।
S-400 प्रणाली की विशेषताएं:
- लॉन्ग-रेंज एयर डिफेंस: 400 किलोमीटर दूर तक के खतरों को रोकने में सक्षम
- हाई-स्पीड मिसाइल: 600 किलोमीटर दूर तक के टारगेट को ट्रैक कर सकती है
- वैश्विक स्तर पर सबसे उन्नत वायु रक्षा प्रणाली रूस से खरीदी गई है
इस परेड में लेफ्टिनेंट जनरल भावनिश कुमार चौथी बार कमान संभालेंगे, और इसमें 6,050 सैन्यकर्मी भाग लेंगे। भैरव, शक्तिबाण, यूजीवी और एटीएजीएस जैसे आधुनिक सैन्य उपकरण भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
S-400 प्रणाली का उपयोग कई अवसरों पर किया गया है, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं:
- 2025 भारत-पाकिस्तान संघर्ष: S-400 प्रणाली ने पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमानों को मार गिराया था।
- सिरिया में रूसी अभियान: S-400 प्रणाली को सिरिया में रूसी सैन्य अभियान के दौरान तैनात किया गया था।
- यूक्रेन में रूसी सैन्य अभियान: S-400 प्रणाली का उपयोग यूक्रेन में रूसी सैन्य अभियान के दौरान किया गया था।
- भारतीय वायु सेना के अभ्यास: S-400 प्रणाली ने भारतीय वायु सेना के अभ्यास के दौरान 80% आक्रमणकारी विमानों को मार गिराया था।