Sachin vs Virat : टेस्ट क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली को लेकर बहस एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स ने विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर से बेहतर बताया था। उनके इस बयान के बाद क्रिकेट जगत में नई बहस छिड़ गई। अब टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी मोहम्मद कैफ ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए डिविलियर्स की बात से असहमति जताई है।
कैफ ने क्यों किया विरोध?
मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि टेस्ट क्रिकेट में सचिन और विराट की तुलना करना सही नहीं है। उनके अनुसार सचिन तेंदुलकर अपने दौर में ऐसे गेंदबाजों का सामना करते थे, जिन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में गिना जाता है। कैफ का मानना है कि सचिन ने जिस स्तर की चुनौतियों का सामना किया, वह उन्हें टेस्ट क्रिकेट में अलग स्थान दिलाता है।
महान गेंदबाजों का सामना
कैफ ने कहा कि सचिन के दौर में शोएब अख्तर, ब्रेट ली, शेन वॉर्न, मुथैया मुरलीधरन, कर्टली एम्ब्रोस, कर्टनी वॉल्श, एलन डोनाल्ड और जेम्स एंडरसन जैसे दिग्गज गेंदबाज मौजूद थे। इन गेंदबाजों के खिलाफ लगातार प्रदर्शन करना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि सचिन ने दुनिया के लगभग हर बड़े गेंदबाज के सामने खुद को साबित किया और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही।
प्रेरणा का सबसे बड़ा नाम
पूर्व क्रिकेटर का कहना है कि सचिन की महानता केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है। उन्होंने एक पूरी पीढ़ी को क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया। कैफ ने कहा कि अगर विराट कोहली से भी पूछा जाए कि उन्हें क्रिकेट खेलने की प्रेरणा किससे मिली, तो वह भी सचिन तेंदुलकर का नाम ही लेंगे। उनके अनुसार यह प्रभाव किसी भी खिलाड़ी की महानता का बड़ा पैमाना होता है।
सफेद गेंद में बहस संभव
कैफ ने माना कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में सचिन और विराट के बीच तुलना की जा सकती है। दोनों खिलाड़ियों के रिकॉर्ड और उपलब्धियां शानदार हैं। लेकिन टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो उनके अनुसार सचिन तेंदुलकर विराट कोहली से काफी आगे हैं। उन्होंने साफ कहा कि टेस्ट क्रिकेट में यह तुलना उनके लिए बिल्कुल एकतरफा है।
इसे भी पढ़ें : BPL पर लगी रोक, खिलाड़ियों की कमाई पर असर, आखिर क्यों रद्द हुआ अगला सीजन?
पंत और पडिक्कल पर भी बोले
मोहम्मद कैफ ने भारत-श्रीलंका टेस्ट मैच को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि देवदत्त पडिक्कल को प्लेयर ऑफ द मैच मिलना सही फैसला था क्योंकि उनकी बल्लेबाजी मुश्किल परिस्थितियों में आई थी। वहीं ऋषभ पंत को टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा इंपैक्ट खिलाड़ी बताते हुए कहा कि उनकी आक्रामक बल्लेबाजी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखती है। हालांकि कैफ के अनुसार सिर्फ एक टेस्ट पारी के आधार पर पंत की वनडे टीम में वापसी तय नहीं मानी जा सकती।