लखनऊ। यूपी में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सीएम योगी आदित्य नाथ और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शंकराचार्य और सीएम योगी के बीच हुए विवाद को लेकर सहारनपुर पहुंची साध्वी प्राची ने न सिर्फ शंकराचार्य को शांत होने की अपील की, बल्कि विवाद को शंकराचार्य की हठधर्मिता करार दिया है। उन्हें हठधर्मिता छोड़कर अपनी व्यक्तिगत साधना पर ध्यान देना चाहिए।
साध्वी प्राची ने कहा कि शंकराचार्य द्वेष की भावना से हठधर्मिता कर रहे हैं। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद धार्मिक नहीं, बल्कि सियासी बातें कर रहे हैं, जो एक संत को शोभा नहीं देता। अगर उन्हें बोलना ही है, तो बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार पर क्यों नहीं बोलते?
साध्वी प्राची ने गाय को राजकीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है। वहीं धार्मिक स्थलों पर गैर हिन्दुओं के प्रवेश की मांग को जायज बताया और धार्मिक स्थलों को थूक जिहाद, मूत्र जिहाद से मुक्त कराने की मांग की है।
गाय को राजकीय पशु घोषित करने की मांग पर तंज कसते हुए साध्वी प्राची ने कहा कि, जब समाजवादी पार्टी की सरकार में यह मांग उठाई थी, तभी तो गोरक्षा के लिए धरना प्रदर्शन किया था। जिसके बदले में आजम खान ने लाठीचार्ज कराया था। बार-बार कह रहीं हूं शंकराचार्य को यह शोभा नहीं देता। अच्छी बात है, गाय की सेवा और रक्षा के लिए आगे आएं, लेकिन एक द्वेष की भावना से आएं, यह उचित नहीं है। अगर गोरक्षा के वो आगे आएं, उसके लिए हम और पूरा देश उनके साथ है। गोमाता राजकीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पशु घोषित होना चाहिए। हर देशभक्त और गो भक्त गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहा है।