मध्यप्रदेश के सागर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। तड़के सुबह इलाज के लिए ले जाई जा रही महिला चलती कार में जिंदा जल गई, जबकि उसका डॉक्टर पति सुरक्षित बच निकला। घटना के बाद जहां पति इसे हादसा बता रहा है, वहीं मायके पक्ष ने गंभीर आशंकाएं जताई हैं। पुलिस अब इस रहस्यमयी मामले की हर एंगल से जांच में जुटी है।
अचानक आग बनी मौत का कारण
सागर जिले के गढ़ाकोटा निवासी डॉक्टर नीलेश कुर्मी अपनी 38 वर्षीय पत्नी सीमा कुर्मी को शनिवार सुबह इलाज के लिए सागर लेकर जा रहे थे। बताया गया कि चनाटोरिया के पास अचानक कार में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कार पूरी तरह जल गई। इस दौरान डॉक्टर किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन उनकी पत्नी कार के अंदर ही फंसकर जिंदा जल गई।
पति का दावा- पत्नी थी बीमार और बदहवास
डॉ. नीलेश कुर्मी के अनुसार उनकी पत्नी की तबीयत खराब थी और वह कार की पिछली सीट पर बदहवास हालत में लेटी थी। उनका कहना है कि आग इतनी अचानक और तेज लगी कि उन्हें पत्नी को बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिला। फिलहाल पुलिस उनके बयान के आधार पर घटना की जांच कर रही है।
भाई ने उठाए गंभीर सवाल
घटना के बाद मौके पर पहुंचे मृतका के भाई लोकेश पटेल ने पूरे मामले को संदिग्ध बताया है। उनका कहना है कि पहले उन्हें हार्ट अटैक की जानकारी दी गई, फिर एक्सीडेंट और आखिर में आग लगने की बात कही गई। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर एक्सीडेंट हुआ था तो उसके निशान क्यों नहीं मिले?
पारिवारिक विवाद भी आया सामने
लोकेश पटेल ने पुलिस को बताया कि उनकी बहन और जीजा के बीच अक्सर विवाद होता था। ऐसे में उन्होंने आशंका जताई है कि या तो उनकी बहन बेहोशी की हालत में थी या फिर पहले से ही उसकी मौत हो चुकी थी। इन बयानों के बाद मामला और ज्यादा उलझ गया है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम जुटी जांच में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब हर पहलू—हादसा, लापरवाही या साजिश—को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद है।