मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित गढ़पहरा का सिद्ध हनुमान मंदिर रहस्यों से भरा हुआ है। यह मंदिर करीब 400 साल पुराना माना जाता है और इसके बारे में एक अनोखी मान्यता प्रचलित है—यहां हनुमान जी न सिर्फ भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं, बल्कि एक खजाने की भी रक्षा करते हैं। कहा जाता है कि उनकी मूर्ति के नीचे एक छिपी हुई विशेष मूर्ति है, जिसे पाने वाला व्यक्ति किले के खजाने तक पहुंच सकता है।
400 साल पुराना हनुमान मंदिर, रहस्यमयी मान्यताएं
गढ़पहरा का सिद्ध हनुमान मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है और इसका संबंध सैकड़ों साल पुराने किले से है। ऐसा माना जाता है कि यह मंदिर करीब 400 साल पुराना है। हालांकि इस मंदिर की स्थापना से जुड़ी कोई ऐतिहासिक पुष्टि नहीं है, लेकिन जनश्रुति में कई रहस्यमयी बातें कही जाती हैं।
आषाढ़ मंगलवार को उमड़ती है श्रद्धा की लहर
आषाढ़ माह के अंतिम मंगलवार को विशेष रूप से भक्तों की भारी भीड़ यहां पहुंचती है। सागर के साथ-साथ आसपास के जिलों और राज्यों से भी लोग इस दिन दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर परिसर में भक्तों की आस्था और ऊर्जा देखते ही बनती है।
मूर्ति के नीचे छिपी है दूसरी विशेष मूर्ति
इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि हनुमान जी की जो वर्तमान मूर्ति है, उसके नीचे एक और विशेष मूर्ति छिपी हुई है, जिसे कभी पुराने राजाओं ने बनवाया था। मान्यता है कि जो व्यक्ति उस छिपी हुई मूर्ति तक पहुंच जाता है, वह मंदिर से जुड़े खजाने का अधिकारी बन सकता है।
खजाने की खोज से नुकसान, अब सुरक्षा में तैनात गार्ड
बीते वर्षों में कई लोगों ने अपनी किस्मत आजमाने के लिए मंदिर के आसपास खुदाई की, जिससे धरोहर को नुकसान हुआ। इसके बाद पुरातत्व विभाग ने सख्ती बढ़ाई और मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए गार्डों की नियुक्ति की गई है।