Sagar Liquor Tragedy: सागर के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध अमानक और अवैध शराब से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक 22 लोगों की मौत की जानकारी सामने आ चुकी है, जबकि 112 लोग सागर और भोपाल के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। मामले में आबकारी विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद बंडा SDM आरती यादव को भी हटा दिया गया है। पुलिस ने शराब ठेकेदार समेत 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है और 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मौतों से गांव में मातम
सोमवार को भी कई लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महेश रावत, श्याम बाई अहिरवार और कृष्ण कुमार लोधी की अस्पताल में मौत हुई। इससे पहले भोपाल एयरलिफ्ट किए गए राम प्रसाद लोधी ने भी दम तोड़ दिया था, जबकि उनके पिता गोविंद लोधी की रविवार को मौत हो गई थी। भगवान सिंह, गोपाल आदिवासी और देश कुमार लोधी की मौत की जानकारी भी सामने आई है। पिता-पुत्र की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। लगातार सामने आ रही मौतों के बाद बंडा क्षेत्र के गांवों में मातम और चिंता का माहौल बना हुआ है।
सस्ती शराब पर शक
पुलिस की FIR के मुताबिक, बरेठी के लाइसेंसी शराब ठेकेदार यशवंत सिंह, मनीष लोधी और आशीष साहू पर अपने लोगों के जरिए एक नए सस्ते ब्रांड की शराब गांवों तक पहुंचाने का आरोप है। बताया गया है कि यह शराब लाइसेंसी दुकान से करीब 20 रुपये कम कीमत पर बेची जा रही थी। ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों का आरोप है कि इसी शराब का सेवन करने के बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से आई, किसने इसे गांवों तक पहुंचाया और इसकी बिक्री में कौन-कौन लोग शामिल थे। सस्ती कीमत पर शराब की बिक्री इस पूरे मामले की जांच का अहम हिस्सा बन गई है।
112 मरीजों का इलाज
शराब सेवन के बाद बीमार हुए 112 लोगों का सागर और भोपाल के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। इनमें कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन की ओर से अस्पतालों में उपचार व्यवस्था और मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा है। वहीं पुलिस शराब की सप्लाई चेन की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदिग्ध शराब किन रास्तों से गांवों तक पहुंची। जांच में शराब की सप्लाई से जुड़े लोगों के साथ-साथ पूरे नेटवर्क की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
नेटवर्क की जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी जैसीनगर SDM को सौंपी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि शराब कहां तैयार हुई, उसका भंडारण और परिवहन किसके जरिए हुआ, गांवों तक इसकी सप्लाई किसने पहुंचाई और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके साथ ही संबंधित विभागों की भूमिका और संभावित लापरवाही की भी जांच होगी। पुलिस ने शराब ठेकेदार समेत 30 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है और इनमें से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब पुलिस बाकी आरोपियों की भूमिका और शराब की सप्लाई के पूरे रास्ते की पड़ताल कर रही है।
SDM पर भी कार्रवाई
मौतों के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई तेज कर दी गई है। आबकारी विभाग के अधिकारियों को हटाने के बाद अब बंडा SDM आरती यादव को भी पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह संजय जैन को बंडा-शाहगढ़ SDM का प्रभारी बनाया गया है। दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई में 14 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और बाकी लोगों की तलाश जारी है। यह मामला अब सिर्फ जहरीली या अमानक शराब से हुई मौतों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि शराब की अवैध सप्लाई, निगरानी व्यवस्था और संबंधित विभागों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। 22 मौतों और 112 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने के बाद प्रशासन के सामने पूरे नेटवर्क की जिम्मेदारी तय करने और प्रभावित लोगों को इलाज उपलब्ध कराने की बड़ी चुनौती है।