मध्य प्रदेश के सागर जिले से दो नाबालिग बहनों के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला गहराता जा रहा है। 40 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। परिवार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है और बच्चियों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। पूरा मामला अब स्थानीय प्रशासन और सिस्टम की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।
सागर जिले में फैली सनसनी
देवरी इलाके के कौशल किशोर वार्ड में रहने वाले मजदूर निरंजन रजक की दो बेटियां तुलसा और ऋतु 29 सितंबर की शाम अचानक गायब हो गईं। परिवार ने आसपास के इलाकों में उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और बेचैनी का माहौल है।
पिता की गुहार और पुलिस की खामोशी
पीड़ित पिता ने देवरी थाने में शिकायत दर्ज कराई और कई बार अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि पुलिस सिर्फ कागजी औपचारिकताएं पूरी कर रही है, जबकि बच्चियां अब भी लापता हैं।
स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता
सागर जिले में पिछले कुछ महीनों में कई नाबालिगों के गायब होने के मामले सामने आ चुके हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस की सुस्ती और जांच की कमजोर प्रक्रिया अपराधियों के हौसले बढ़ा रही है। अभिभावक अब अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं।
क्या किसी गिरोह की है साजिश?
दोनों बहनों के एक साथ गायब होने से यह शक गहराता जा रहा है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो नहीं। परिवार को आशंका है कि लड़कियों के साथ किसी अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
परिजनों की एक ही मांग – ‘सुरक्षित वापसी’
थके-हारे पिता निरंजन रजक का कहना है कि अब उन्हें सिर्फ अपनी बेटियों की सुरक्षित वापसी चाहिए। उनका सवाल है कि जब 40 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिला, तो आखिर पुलिस कर क्या रही है? अब इस मामले ने पूरे जिले में सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।