SAGAR LIQUOR CASE : मध्य प्रदेश के सागर जिले में संदिग्ध मौतों और जहरीली शराब के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। सरकार का कहना है कि जांच के जरिए घटना से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण किया जाएगा। प्रशासनिक लापरवाही को देखते हुए सागर संभाग के शीर्ष अधिकारियों में भी बदलाव किया गया है।
न्यायिक जांच के आदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इसका मकसद उन कारणों और कमियों की पड़ताल करना है, जिनकी वजह से यह त्रासदी सामने आई। सरकार ने साफ किया है कि जांच में जिम्मेदारी तय की जाएगी।
नए आयुक्त और IG
कार्रवाई के तहत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दिलीप कुमार को तत्काल प्रभाव से सागर संभाग का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इरशाद वली को सागर रेंज का नया IG बनाया गया है। दोनों अधिकारियों ने जिम्मेदारी संभाल ली है।
अवैध शराब नेटवर्क पर सख्ती
नए अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस और आबकारी अमले को अवैध शराब के नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सागर और आसपास के जिलों में पुलिस और आबकारी टीमों की ओर से लगातार छापेमारी की जा रही है।
दोषियों पर होगी कार्रवाई
CM डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आमजन की सुरक्षा और कानून का शासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या सांठगांठ बर्दाश्त नहीं होगी। जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरगना और संरक्षण पर सवाल
इस मामले में अब बड़ा सवाल अवैध शराब के नेटवर्क के मुख्य सरगना और उसे स्थानीय स्तर पर मिलने वाले संरक्षण को लेकर है। दूसरे राज्यों या जिलों से मिलावटी शराब की सप्लाई और स्थानीय तंत्र की भूमिका भी जांच के दायरे में है। न्यायिक जांच से पूरे नेटवर्क की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।