Sagar Liquor Tragedy Government Action---सागर जिले के बंडा में जहरीली शराबकांड के बाद प्रशासन और सरकार दोनों एक्शन मोड में आ गए हैं। घटना में लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों के बाद शासन ने आबकारी विभाग के अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी उपायुक्त को ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है, जबकि तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इधर, कार्रवाई के बावजूद स्थानीय लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया गया।
आबकारी उपायुक्त पर भी कार्रवाई
मामले में प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों के बीच आबकारी उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है। सरकार ने यह कदम घटना की गंभीरता को देखते हुए उठाया है। मामले में विभागीय जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
तीन आबकारी अधिकारियों को किया सस्पेंड
शासन की कार्रवाई में सागर के तीन आबकारी अधिकारी भी शामिल हैं। सहायक आयुक्त आबकारी कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त की आबकारी उप निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही गूगरा चौकी प्रभारी और बंडा थाना प्रभारी को भी निलंबित किया गया है।
शव सड़क पर रखकर फूटा गुस्सा
घटना से नाराज मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने बंडा में सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सागर-छतरपुर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और यातायात सामान्य कराने की कोशिश की गई।
मुआवजे से लेकर आरोपियों पर केस की मांग
प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवारों को भारी आर्थिक मुआवजा देने की मांग की। साथ ही अवैध शराब के मुख्य आरोपियों और उन्हें कथित तौर पर संरक्षण देने वाले अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग उठाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।
BMC में लगातार पहुंच रहे मरीज
जहरीली शराब के सेवन से बीमार हुए लोगों को बंडा से सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों की विशेष टीमें मरीजों के उपचार में जुटी हैं। घटना के बाद प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है और पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।