SAHARANPUR MOSQUE CASE: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मस्जिद कमेटी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने नगर मजिस्ट्रेट द्वारा लगाए गए 6 करोड़ 41 लाख रुपये के हर्जाने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार से काउंटर एफिडेविट दाखिल करने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी।
हाई कोर्ट ने मांगा जवाब
मामले की सुनवाई जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच ने की। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से काउंटर एफिडेविट मांगा है। इसके लिए सरकार को तीन हफ्ते का समय दिया गया है। कोर्ट ने प्रतिवादी संख्या दो को नोटिस भी जारी किया है।
6.41 करोड़ के हर्जाने पर रोक
सहारनपुर के नगर मजिस्ट्रेट ने 16 जुलाई 2026 को मस्जिद से जुड़ा आदेश जारी किया था। इसमें परिसर खाली करने के साथ 6 करोड़ 41 लाख रुपये का हर्जाना भरने का आदेश दिया गया था। हाई कोर्ट ने इस हर्जाने की वसूली पर अंतरिम रोक लगा दी है।
किसने दाखिल की याचिका?
यह याचिका मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली मोहम्मद तनवीर अहमद की ओर से दाखिल की गई थी। संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत दायर याचिका में नगर मजिस्ट्रेट के 16 जुलाई के आदेश और जिला न्यायाधीश के 2 सितंबर 2026 के आदेश को चुनौती दी गई है।
जिला न्यायाधीश के आदेश को दी चुनौती
नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ जिला न्यायाधीश के यहां अपील दाखिल की गई थी, जिसे 2 सितंबर को खारिज कर दिया गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दोनों अधिकारियों के आदेश उनके न्यायिक अधिकार क्षेत्र से बाहर थे।
5 सितंबर को हटाई गई मस्जिद
याचिका के मुताबिक, जिला न्यायाधीश के आदेश के बाद 5 सितंबर की सुबह कलेक्ट्रेट परिसर में करीब 315 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनी मस्जिद को वहां से हटा दिया गया। अब हाई कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को निर्धारित की गई है