सहारनपुर के भेंट रोड स्थित चकलापुरी मंदिर के पुजारी विजय शास्त्री पर एक 10 वर्षीय बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में मुकदमा दर्ज होने के बाद शहर में माहौल गरमा गया। पुजारी के खिलाफ एससी-एसटी और पॉक्सो कानून के तहत कार्रवाई हुई है। इसके विरोध में ब्राह्मण समाज, पुजारी संगठन और सवर्ण समाज के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। शहर के कई इलाकों से जुलूस निकाले गए और एसएसपी कार्यालय का घेराव किया गया।
हनुमान चालीसा का पाठ
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग भगवा दुपट्टे और तिलक लगाकर पहुंचे। एसएसपी कार्यालय के बाहर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इलाके में धार्मिक नारे गूंजते रहे। प्रदर्शन के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। पुलिस बल, बैरिकेडिंग और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई ताकि हालात नियंत्रण में रहें।
साजिश का लगाया आरोप
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने दावा किया कि पुजारी को जानबूझकर फंसाया गया है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि मंदिर की संपत्ति पर कब्जे के मकसद से यह पूरा मामला तैयार किया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संबंधित बच्ची मंदिर परिसर में आने वाले बच्चों में शामिल थी और पुजारी बच्चों को केवल प्रसाद दिया करते थे। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठाई गई।
मंदिर रहे बंद
विरोध के तौर पर सहारनपुर के कई मंदिरों के कपाट भी बंद रखे गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर पूजा-पाठ करने वाले लोगों पर भी ऐसे आरोप लगेंगे तो इससे धार्मिक संस्थाओं पर असर पड़ेगा। लोगों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
भीम आर्मी पर भी आरोप
प्रदर्शन के दौरान कुछ वक्ताओं ने भीम आर्मी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि कुछ लोग झूठे मामलों के जरिए समाज में तनाव पैदा करने का काम कर रहे हैं। हालांकि इन आरोपों पर दूसरी तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इसे भी पढ़ें : Bengal बॉर्डर पर बढ़ी हलचल, घुसपैठ पर सख्ती के बीच होल्डिंग सेंटर और जांच अभियान तेज
जांच पर टिकी नजर
फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पुलिस आगे क्या कदम उठाती है।