विदेश में बैठकर भारत में अपराधों की साजिश रचने वाले कुख्यात गैंगस्टर साहिल चौहान की फरारी आखिरकार खत्म हो गई। शनिवार को उसे भारत डिपोर्ट किए जाने के बाद जैसे ही वह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स ने तुरंत हिरासत में ले लिया। लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह कार्रवाई बड़ी सफलता मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया, ताकि किसी तरह की भनक अपराध जगत तक न पहुंचे।
विदेश से रचता था खून की साजिशें
जांच एजेंसियों के अनुसार, साहिल चौहान विदेश में रहकर भारत में कई गंभीर अपराधों का संचालन कर रहा था। उस पर कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, शूटरों की व्यवस्था और सुपारी लेकर हत्या करवाने जैसे गंभीर आरोप हैं। माना जा रहा है कि उसने कई राज्यों में फैले नेटवर्क के जरिए वारदातों को अंजाम दिलाया। एजेंसियों को शक है कि विदेश में छिपकर वह तकनीक और फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर पुलिस से बचता रहा। इसी वजह से वह राष्ट्रीय स्तर की जांच एजेंसियों की निगरानी में भी था।
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जेल में बंद सरगना, बाहर संभाल रहा था नेटवर्क
साहिल चौहान को कुख्यात कौशल चौधरी गैंग का अहम सदस्य माना जाता है। गैंग का सरगना फिलहाल हरियाणा की जेल में बंद है, लेकिन उसके बावजूद गिरोह की गतिविधियां थमी नहीं थीं। सूत्रों के मुताबिक, साहिल बाहर रहकर गैंग के लिए फंडिंग, संपर्क और अपराधियों की भर्ती जैसे काम देख रहा था। यही कारण है कि उसकी गिरफ्तारी को गिरोह के ढांचे पर सीधा प्रहार माना जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इससे गैंग की आर्थिक और आपराधिक ताकत को बड़ा झटका लगेगा।
पूछताछ में खुल सकते हैं कई बड़े राज
अब सबसे ज्यादा नजरें साहिल चौहान से होने वाली पूछताछ पर टिकी हैं। उम्मीद है कि उससे गैंग के कई सक्रिय सदस्यों, छिपे ठिकानों, हवाला चैनल और आने वाली वारदातों की योजनाओं का खुलासा हो सकता है। सुरक्षा एजेंसियां इस गिरफ्तारी को सिर्फ एक आरोपी की वापसी नहीं, बल्कि संगठित अपराध के बड़े नेटवर्क तक पहुंचने का मौका मान रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।