First Woman Lieutenant: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के 93 साल के इतिहास में शनिवार को एक ऐतिहासिक पल दर्ज हुआ, जब महाराष्ट्र के कोल्हापुर की साई जाधव IMA से पास आउट होने वाली पहली महिला ऑफिसर कैडेट बनीं। साई जाधव को प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट का कमीशन मिला है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और मेहनत का परिणाम है, बल्कि भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व की दिशा में एक मजबूत संकेत भी मानी जा रही है।
IMA की पासिंग आउट सेरेमनी में कुल 525 ऑफिसर कैडेट्स ने प्रशिक्षण पूरा किया। इनमें से 491 युवा अधिकारी भारतीय सेना को मिले, जबकि 14 मित्र देशों के 34 कैडेट्स भी इस परेड का हिस्सा बने। साई जाधव ने एक विशेष प्रादेशिक सेना कोर्स के तहत छह महीने की कठोर सैन्य ट्रेनिंग पूरी की। भले ही उन्होंने मुख्य पासिंग आउट परेड में मार्च पास्ट नहीं किया, लेकिन उनका कमीशन IMA के इतिहास में मील का पत्थर बन गया। समारोह के दौरान उनके माता-पिता ने कंधों पर लेफ्टिनेंट के स्टार लगाकर उन्हें सम्मानित किया।
सैन्य परिवार से जुड़ा गहरा नाता
साई जाधव का संबंध एक ऐसे परिवार से है, जिसकी जड़ें सेना से जुड़ी रही हैं। उनके पिता संदीप जाधव भारतीय सेना में मेजर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनके दादा ब्रिटिश सेना में सेवा दे चुके हैं। साई ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा और एसएसबी इंटरव्यू पास करने के बाद IMA में प्रवेश पाया, जहां उन्होंने अनुशासन, नेतृत्व और साहस का परिचय दिया।
भविष्य की नई राह
साई जाधव की यह सफलता भारतीय सेना में महिलाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोलती है। सेना की योजना के अनुसार जून 2026 से महिला ऑफिसर कैडेट्स नियमित रूप से पुरुष कैडेट्स के साथ IMA में प्रशिक्षण और मार्च पास्ट करती नजर आएंगी। यह बदलाव सशस्त्र बलों में समान अवसर और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।