श्रीलंका के गाले में इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच दो मैचों की अनौपचारिक टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला शुरू हो गया है। इंडिया ए के कप्तान ध्रुव जुरेल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। टीम की शुरुआत अच्छी रही और ओपनर साई सुदर्शन ने शुरुआत से ही जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी की। उन्होंने पहले गेंदबाजों को समझा और फिर धीरे धीरे रन गति बढ़ाई। साई ने 69 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद भी उन्होंने जल्दबाजी नहीं दिखाई और शानदार शतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
आयुष ने दिया अच्छा साथ
साई सुदर्शन के साथ आयुष पांडे ने भी इंडिया ए को संभली हुई शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी की और श्रीलंका ए के गेंदबाजों को शुरुआती सफलता नहीं लेने दी। आयुष ने साई के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया और टीम का स्कोर मजबूत किया। लेकिन लंच से ठीक पहले भारत को पहला झटका लग गया। आयुष पांडे 25 रन बनाकर आउट हो गए। उनका विकेट ऐसे समय गिरा जब इंडिया ए बिना नुकसान के लंच तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी। हालांकि साई क्रीज पर टिके रहे।
पडिक्कल जल्दी लौटे
लंच के बाद इंडिया ए की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। देवदत्त पडिक्कल तेजी से रन बनाने के प्रयास में सिर्फ 12 रन बनाकर आउट हो गए। पडिक्कल से टीम को बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन वह ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके। उनके आउट होते ही श्रीलंका ए के गेंदबाजों का आत्मविश्वास बढ़ गया। भारत को दूसरा झटका लगने के बाद साई सुदर्शन ने एक बार फिर पारी संभालने की जिम्मेदारी ली। उन्होंने दबाव में भी शांत रहकर बल्लेबाजी की और टीम को बिखरने नहीं दिया।
रुतुराज भी नहीं टिके
देवदत्त पडिक्कल के बाद नंबर चार पर रुतुराज गायकवाड़ बल्लेबाजी करने आए। रुतुराज ने कुछ अच्छे शॉट खेले और साई सुदर्शन के साथ पारी को संभालने की कोशिश की। ऐसा लग रहा था कि दोनों बल्लेबाज भारत को फिर से मजबूत स्थिति में ले जाएंगे। लेकिन रुतुराज 22 रन बनाकर आउट हो गए। उनके आउट होने के साथ इंडिया ए को तीसरा झटका लगा। एक समय भारत की शुरुआत काफी मजबूत दिख रही थी लेकिन लगातार विकेट गिरने से श्रीलंका ए को मैच में वापसी का मौका मिल गया।
शतक के बाद बदला माहौल
रुतुराज के आउट होने के बाद भी साई सुदर्शन ने अपना धैर्य नहीं खोया। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी जारी रखी और शतक पूरा कर लिया। साई की इस पारी ने इंडिया ए को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। टी ब्रेक तक इंडिया ए ने 3 विकेट के नुकसान पर 199 रन बना लिए थे। साई सुदर्शन क्रीज पर डटे हुए थे जबकि कप्तान ध्रुव जुरेल उनका साथ दे रहे थे। अब टीम की कोशिश होगी कि इस साझेदारी को लंबा खींचकर पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाया जाए।
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जुरेल पर बड़ी जिम्मेदारी
टी ब्रेक के बाद इंडिया ए की नजर तेजी से रन बनाने के साथ मजबूत स्कोर खड़ा करने पर होगी। कप्तान ध्रुव जुरेल के पास साई सुदर्शन के साथ बड़ी साझेदारी बनाने का मौका है। टीम में हर्ष दुबे सारांश जैन अंशुल कंबोज यश ठाकुर और आकिब नबी डार जैसे खिलाड़ी भी मौजूद हैं जो जरूरत पड़ने पर उपयोगी रन बना सकते हैं। अगर साई और जुरेल की जोड़ी लंबी चली तो इंडिया ए पहली पारी में श्रीलंका ए पर बड़ा दबाव बना सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि साई अपने शतक को कितनी बड़ी पारी में बदलते हैं।