अफगानिस्तान के खिलाफ 6 जून से शुरू होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने साई सुदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है। गंभीर का मानना है कि साई को टेस्ट क्रिकेट में अब तक पर्याप्त मौके नहीं मिले हैं। उन्होंने साफ संकेत दिए हैं कि इस मुकाबले में देवदत्त पडिक्कल की जगह साई सुदर्शन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने का मौका दिया जा सकता है।
आईपीएल प्रदर्शन का मिला इनाम
गौतम गंभीर ने कहा कि साई सुदर्शन शानदार फॉर्म में हैं और हाल ही में आईपीएल में 700 से ज्यादा रन बना चुके हैं। उनके मुताबिक किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन सिर्फ चार या पांच मैचों के आधार पर नहीं किया जा सकता। टीम प्रबंधन साई को लंबा मौका देकर उनकी क्षमता को परखना चाहता है। यही वजह है कि अफगानिस्तान टेस्ट में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
श्रीलंका दौरे की तैयारी शुरू
गंभीर ने बताया कि टीम प्रबंधन अगस्त में होने वाले श्रीलंका दौरे को ध्यान में रखते हुए तैयारी कर रहा है। श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजी अहम भूमिका निभाती है, इसलिए टीम चार स्पिनरों के विकल्प तैयार करना चाहती है। इसी कारण अफगानिस्तान टेस्ट को भविष्य की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मानव और हर्ष पर नजर
बाएं हाथ के स्पिनर की भूमिका के लिए मानव सुथार और हर्ष दुबे के बीच मुकाबला है। गंभीर ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों में समानताएं हैं, लेकिन उनकी गेंदबाजी शैली अलग है। यह टेस्ट टीम प्रबंधन को यह समझने में मदद करेगा कि श्रीलंका दौरे के लिए सबसे उपयुक्त संयोजन क्या हो सकता है।
ऋषभ पंत को दी सलाह
ऋषभ पंत को लेकर भी गंभीर ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन पंत की स्वाभाविक आक्रामक शैली में कोई बदलाव नहीं चाहता। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते समय मैच की परिस्थितियों को समझना और उसके अनुसार खेलना बेहद जरूरी होता है। गंभीर के मुताबिक पंत को परिस्थितियों के हिसाब से अपने खेल में संतुलन लाना होगा।
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तैयारी पर पूरा फोकस
गंभीर ने यह भी कहा कि अलग-अलग देशों में खेलने के लिए अलग तैयारी की जरूरत होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि न्यूजीलैंड और श्रीलंका जैसी जगहों के लिए टीम को अलग रणनीति बनानी पड़ती है। अफगानिस्तान के खिलाफ यह टेस्ट भले ही विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं है, लेकिन आने वाली बड़ी सीरीजों के लिए टीम इंडिया की तैयारी का अहम पड़ाव माना जा रहा है।