बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई फिल्म या निजी बयान नहीं, बल्कि उनके खानदानी विरासत से जुड़ी संपत्तियां हैं। मध्य प्रदेश के भोपाल, सीहोर और रायसेन में स्थित उनकी पारिवारिक संपत्तियों पर अब ‘शत्रु संपत्ति’ का दावा किया जा रहा है। गृह मंत्रालय के तहत आने वाली संस्था शत्रु संपत्ति अभिरक्षक (CEPI) इन संपत्तियों की जांच कर रही है। दावा है कि सैफ के पूर्वजों में से कुछ पाकिस्तान की नागरिकता ले चुके थे, ऐसे में उनकी भारत में छोड़ी गई संपत्तियों को ‘शत्रु संपत्ति’ घोषित किया जा सकता है। इस मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब समाजसेवी ने इस संबंध में शिकायत कर जांच की मांग की।
तीन जिलों में फैली संपत्ति पर जांच
भोपाल, सीहोर और रायसेन में फैली इन संपत्तियों को CEPI शत्रु संपत्ति की श्रेणी में रखकर जांच कर रहा है। बताया गया है कि ये संपत्तियां भोपाल के अंतिम नवाब हमीदुल्ला खान की बेटियों आबिदा और आफताब बेगम के नाम पर थीं, जो पाकिस्तान चली गई थीं और वहीं की नागरिक बन गई थीं।
550 एकड़ जमीन पर सरकार की नजर
रिपोर्ट के मुताबिक नवाब खानदान के नाम पर मध्य प्रदेश में करीब 550 एकड़ जमीन दर्ज है। इसे शाही विरासत की नहीं, बल्कि सरकार के अधीन आने वाली संपत्ति माना जा रहा है। यदि जांच में पुष्टि होती है, तो सरकार इन संपत्तियों को अपने कब्जे में ले सकती है।
शत्रु संपत्ति क्या होती है?
शत्रु संपत्ति वह होती है जो भारत छोड़कर पाकिस्तान या चीन चले गए नागरिकों के नाम पर दर्ज होती है। 1968 के एक्ट और 2017 में हुए संशोधन के अनुसार, ऐसे नागरिकों या उनके उत्तराधिकारियों को इन संपत्तियों पर कोई अधिकार नहीं होता।
इतनी है सैफ अली खान की नेटवर्थ
'बॉलीवुड के नवाब' सैफ अली खान असल जिंदगी में भी शाही ठाठ रखते हैं। उनकी नेटवर्थ करीब 150 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1200 करोड़ रुपये आंकी गई है। आलीशान बंगले, लग्जरी गाड़ियां और पुश्तैनी विरासत उनकी पहचान का हिस्सा हैं।
देश में 12,983 शत्रु संपत्तियां दर्ज
गृह मंत्रालय के मुताबिक भारत में अब तक 12,983 शत्रु संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में हैं। इनका नियंत्रण और उपयोग का अधिकार केवल CEPI के पास होता है।