जिले के 37 विभागों के 300 सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों का वेतन रोका गया है। संबंधित विभाग के सभी अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। आरोप है कि इन विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों ने ई-ऑफिस न चलाकर पत्रावलियों में काम कर रहे थे। सीडीओ ने तीन महीने की कामकाज की समीक्षा में ऐसा पाया है और स्पष्टीकरण के बाद ही वेतन रिलीज किया जाएगा और विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है। सीडीओ ने मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव के आदेश पर यह कार्रवाई की है। इन सभी विभागों ने पिछले तीन महीने से इस व्यवस्था का पालन नहीं किया।
दूसरे पटल पर जाएगी और अधिकारियों के पास पहुंचेगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी विभागों में ई-ऑफिस के माध्यम से कामकाज करने के आदेश दिए थे, ताकि कामकाज में पारदर्शिता रहे है और किसी कार्य में विलंब न हो और ई-ऑफिस के माध्यम से ही एक से दूसरे पटल पर जाएगी और अधिकारियों के पास पहुंचेगी। सीडीओ नूपुर गोयल ने बताया, 21 अगस्त से 20 नवंबर तक तीन महीने की सभी सरकारी विभागों की समीक्षा की गई थी। जांच में पाया गया है कि 37 विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने इस अवधि में न तो लागिन किया और न ही किसी पत्रावली का मूवमेंट। पूरा काम पत्रावलियों से किया।
300 अधिकारियों व कर्मचारियों का वेतन रोका
लिहाजा 37 विभागों के करीब 300 अधिकारियों व कर्मचारियों का वेतन रोका गया और स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने बताया, सभी विभागों के कामकाज को ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित कराने के आदेश है। ई-ऑफिस सिस्टम के माध्यम से ही एक से दूसरे पटल पर जाएगी और अधिकारियों के पास पहुंचेगी। अधिकारी भी वहीं से उक्त पत्रावली के संबंध में आदेश जारी कर देंगे। इस अवधि में अधिकारियों व कर्मचारियों ने ना तो लागिन किया और ना ही किसी पत्रावली का मूवमेंट किया। पूरा काम पत्रावलियों से किया।
इन विभागों के अधिकारियों को देना होगा स्पष्टीकरण
जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला खादी और ग्रामोद्योग, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, जल निगम ग्रामीण अधिशासी अभियंता, बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सीएमओ, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, सहायक निबंधक सहकारिता, जिला समन्वयक एनआरएलएम, जिला विकास अधिकारी, उप निदेशक कृषि, डीएफओ, डायट मवाना, जिला कृषि अधिकारी, जिला आडिट अधिकारी, जिला कमांडेंट होमगार्ड, जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जल निगम शहरी अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड एक्सईएन, ग्रामीण अभियंत्रण एक्सईएन, नलकूप खंड पूर्व एक्सईएन, जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक, सिंचाई कार्यशाला, लघु सिंचाई, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, आलू अनुसंधान केंद्र, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक और यूनानी अधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान, मृदा संरक्षण अधिकारी, जिला पंचायत कार्यालय, खंड शिक्षा अधिकारी मवाना और मेरठ, खंड विकास अधिकारी दौराला, हस्तिनापुर, जानी, खरखौदा, माछरा, मवाना, मेरठ, परीक्षितगढ़, रजपुरा, रोहटा, सरधना, सरूरपुर खुर्द।