ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कुख्यात ड्रग्स किंगपिन मोहम्मद सलीम डोला को तुर्की से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन ग्लोबल-हंट’ के तहत की गई, जिसमें अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और भारतीय खुफिया तंत्र का अहम सहयोग रहा। भारत पहुंचते ही उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया गया।
इंटरपोल रेड नोटिस के बाद गिरफ्तारी
गृह मंत्रालय के अनुसार मोहम्मद सलीम डोला के खिलाफ मार्च 2024 में इंटरपोल का रेड नोटिस जारी किया गया था। वह कई ड्रग्स तस्करी मामलों में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था। बताया गया है कि वह मुंबई का रहने वाला है और पिछले कई सालों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था।
कई देशों में फैला नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक मोहम्मद सलीम डोला ने मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और यूरोप के कई देशों में फैला एक बड़ा ड्रग्स नेटवर्क खड़ा किया था। वह भारत में ड्रग्स की सप्लाई करने वाले बड़े सप्लायर के तौर पर काम करता था। उसके खिलाफ महाराष्ट्र और गुजरात में हेरोइन, चरस, मेफेड्रोन और अन्य नशीले पदार्थों से जुड़े कई बड़े केस दर्ज हैं।
तुर्की में हाई प्रोफाइल रेड
तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में पुलिस ने एक विशेष ऑपरेशन चलाकर मोहम्मद सलीम डोला को गिरफ्तार किया। वह बेयलिकदुज़ु इलाके के एक घर में छिपा हुआ था। 25 अप्रैल को की गई इस कार्रवाई में उसे दबोच लिया गया, जिसके बाद जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे भारत भेजा गया। इस ऑपरेशन में तुर्की और भारतीय एजेंसियों के बीच करीबी तालमेल देखने को मिला।
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परिवार और नेटवर्क पर पहले भी कार्रवाई
इससे पहले 2025 में डोला के बेटे ताहिल सलीम डोला और उसके अन्य साथियों को यूएई से भारत लाकर गिरफ्तार किया गया था। मुंबई पुलिस की जांच में यह सामने आया था कि भारत में सक्रिय कई गिरोह सीधे डोला के निर्देश पर काम कर रहे थे। इससे उसके नेटवर्क की गहराई का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अब आगे क्या होगा
भारत लाए जाने के बाद मोहम्मद सलीम डोला से खुफिया एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। जल्द ही उसे मुंबई पुलिस को सौंपा जाएगा, जहां अलग-अलग एजेंसियां उससे जुड़े मामलों की जांच करेंगी। माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी से अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क के कई बड़े खुलासे हो सकते हैं और तस्करी के खिलाफ अभियान को और मजबूती मिलेगी।