पिछले 73 सालों से जो शराब सऊदी अरब पूरी तरह से बैन थी, उसे अब बेचने की इजाजत मिल गई है, ये फैसला सऊदी अरब ने चंद डॉलर की खातिर लिया है. वो भी तब जब इस्लाम में शराब के इस्तेमाल की किसी भी सूरत में इजाजत नहीं है. दरअसल मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों वाला सऊदी अरब इस्लामिक रीति रिवाजों और सख्त शरीयत कानूनों के लिए जाना जाता है. हालांकि अब ये देश क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के दौर में बड़े बदलाव की ओर लगातार बढ़ रहा है. जिस देश में पिछले 73 साल से शराब पूरी तरह बैन थी, वहां अब साल 2026 से कुछ चुनिंदा जगहों पर शराब कीबिक्री और सीमित सेवन की इजाजत दी जाएगी.
1952 से बैन थी सऊदी अरब में शराब
ऐसा बताया जा रहा है कि ये फैसला सऊदी अरब की विज़न 2030 योजना के तहत लिया गया है. विज़न 2030 प्लान के तहत सऊदी अरब के 600 जगहों पर शराब बेचने की इजाजत दी गई है. जिन जगहों पर शराब परोसी जाएगी उनमें लग्जरी होटल्स, रिसोर्ट्स और पर्यटन स्थल शामिल होंगे. सऊदी अरब में केवल बियर, वाइन जैसे अल्कोहलिक ड्रिंक्स को बेचने की इजाजत दी गई है. बता दें सऊदी अरब में शराब पर पाबंदी 1952 से है.
पिछले 8 सालों में हुए सऊदी में काफी बदलाव
बता दें क्राउन प्रिंस पिछले 8 साल से मुल्क का नेतृत्व कर रहे हैं और इन्हीं 8 साल में सऊदी अरब में कई बड़े बदलाव भी हुए हैं. खासकर महिलाओं के लिए सऊदी अरब में महिलाओं के ड्राइविंग पर बैन था जिसकी वजह से महिलाएं पुरुषों पर निर्भर थी लेकिन सऊदी सरकार ने 2018 में इस प्रतिबंध को हटा दिया. सऊदी अरब में महिलाएं जल्द ही बुलेट ट्रेन चलाती भी नजर आएंगी. इसके लिए 32 महिलाओं के पहले बैच की ट्रेनिंग पूरी हो गई है. सऊदी अरब भी अब आधुनिकता की अहमियत को समझ रहा है. वो अपने देश में शराब बेचने की इजाजत देने जा रहा है.