
इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा एक बार फिर अपने बयानों को लेकर विवादों में हैं। इस बार उन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। पित्रोदा ने कहा कि जब वह इन देशों में जाते हैं तो उन्हें “घर जैसा” महसूस होता है। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि भारत की विदेश नीति का फोकस पड़ोसी देशों पर होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि “मेरे अनुसार हमारी फॉरेन पॉलिसी का केंद्र बिंदु हमारे पड़ोसी होने चाहिए। क्या हम पड़ोसियों से अपने रिश्ते सुधार सकते हैं? मैं पाकिस्तान गया हूं और मुझे वहां घर जैसा महसूस हुआ। मैं बांग्लादेश और नेपाल भी गया हूं और वहां भी मुझे वैसा ही लगा। मुझे इनमें से किसी भी देश में जाकर यह नहीं लगता कि मैं किसी विदेशी धरती पर हूं।”
राहुल गांधी की Gen-Z अपील पर भी प्रतिक्रिया
सैम पित्रोदा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया अपील पर भी टिप्पणी की। राहुल ने Gen-Z यानी नई पीढ़ी से लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की थी। इस पर पित्रोदा ने कहा, “मैं देश के युवाओं से आग्रह करना चाहता हूं कि वे राहुल गांधी की आवाज़ में अपनी आवाज़ मिलाएं और उनके साथ खड़े हों।”
विवादों से पुराना नाता
पित्रोदा के विवादों से रिश्ता नया नहीं है। वह पहले भी कई बार अपने बयानों के कारण आलोचनाओं का सामना कर चुके हैं। पिछले साल उन्होंने भारत की विविधता को लेकर कहा था कि “पूर्वी भारत के लोग चीनियों जैसे, पश्चिम के लोग अरबों जैसे, उत्तर के लोग श्वेतों जैसे और दक्षिण के लोग अफ्रीकी जैसे दिखते हैं।” इस बयान पर भारी बवाल मचा और उन्होंने इंडियन ओवरसीज कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा तक दे दिया था। इससे पहले विरासत टैक्स पर उनकी टिप्पणी भी सुर्खियों में रही थी। उन्होंने अमेरिका में लागू विरासत कर का जिक्र करते हुए कहा था कि अमीरों की संपत्ति पर कर लगाया जाना चाहिए। इस बयान को कांग्रेस के खिलाफ विपक्ष ने बड़े मुद्दे की तरह उछाला था।
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क्या है राजनीतिक मायने?
सियासी विश्लेषकों का मानना है कि पित्रोदा का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत-पाकिस्तान रिश्तों में तनाव गहरा है। पाकिस्तान को लेकर “घर जैसा” लगने वाली टिप्पणी निश्चित रूप से विपक्ष को कांग्रेस पर हमला करने का मौका देगी। दूसरी ओर राहुल गांधी की Gen-Z से अपील को पित्रोदा का समर्थन पार्टी की युवा वोट बैंक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
अब क्या होगा कांग्रेस का आधिकारिक रुख?
सैम पित्रोदा तकनीकी और राजनीतिक दायरे में एक अहम नाम हैं, लेकिन उनके बयानों का असर अक्सर कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर देता है। अब देखना यह होगा कि इस नए बयान पर कांग्रेस का आधिकारिक रुख क्या रहता है और विपक्ष इसे चुनावी हथियार के तौर पर कैसे इस्तेमाल करता है।