UP News: उत्तर प्रदेश विधानमंडल के शीतकालीन सत्र का मंगलवार को तीसरा दिन है। सत्र 19 दिसंबर से शुरू हुआ है और 24 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी का मुद्दा प्रमुखता से उभरा है, जो अब विधान परिषद में भी पहुंच गया है। परिषद में समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने कोडीन कफ सिरप के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया।
सदन में हंगामा बढ़ गया
सपा के वरिष्ठ सदस्य लालबिहारी यादव ने सरकार पर बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्तता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह रैकेट हजारों करोड़ का है और इससे युवाओं व बच्चों की जिंदगियां खतरे में हैं। सरकार से तत्काल कार्रवाई और सदन में चर्चा की मांग की गई। इस पर सदन के नेता एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तीखा पलटवार किया। मौर्य ने सपा को 'मुद्दाविहीन' पार्टी करार देते हुए कहा कि जांच में कई आरोपी सपा से जुड़े पाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में ही ऐसे रैकेट को संरक्षण मिला था। दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे सदन में हंगामा बढ़ गया।
सरकार से जवाब मांगा
सपा सदस्यों ने नारेबाजी की और सरकार से जवाब मांगा। इससे पहले विधानसभा में भी दूसरे दिन इस मुद्दे पर भारी हंगामा हुआ था। सपा विधायकों ने सदन के अंदर और बाहर प्रदर्शन किया, पोस्टर व कफ सिरप की बोतलें लहराईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में स्पष्ट किया कि यूपी में कोडीन सिरप से एक भी मौत नहीं हुई है और जांच में सपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। सरकार ने एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।
सरकार सपा की साजिश बता रही
विपक्ष का दावा है कि यह अंतरराष्ट्रीय रैकेट है, जबकि सरकार इसे सपा की साजिश बता रही है। सत्र में अनुपूरक बजट पेश हो चुका है और वंदे मातरम पर चर्चा भी हुई। कोडीन मुद्दे ने सत्ता-विपक्ष के बीच राजनीतिक जंग को और तेज कर दिया है। सदन की कार्यवाही जारी है।