संभल जामा मस्जिद सर्वे से जुड़ी बड़ी खबर इलाहाबाद हाईकोर्ट से सामने आई है, जहां मुस्लिम पक्ष को सर्वे पर बड़ा झटका हाईकोर्ट से लगा है, कोर्ट ने मुस्लिम पक्षों की दलीलों को नामंजूर करते हुए सिविल रिवीजन पिटीशन की खारिज कर दिया है. इसके साथ ही इस मामले में अहम फैसला सुनाया है, जस्टिस रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच के आदेश के मुताबिक अब संभल की जिला अदालत में सर्वे का मुकदमा चलेगा, बता दें 13 मई को मस्जिद कमेटी की सिविल रिवीजन पिटीशन पर बहस पूरी होने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस फैसले को सुरक्षित रखा था.
मुस्लिम पक्ष को झटका, ये थी दलील
इस मामले में हिंदू पक्षधार अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि संभल मामले में मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज हो गई. दलील ये दी गई थी कि कोर्ट एकतरफा सर्वे कमिश्नर नियुक्त नहीं कर सकता. स्टे हट गया है. कोर्ट के आदेश से मुस्लिम पक्ष को झटका लगा है जबकि हिंदू पक्ष बेहद गदगद हो उठा है. बता दें इस मामले में अबतक करीब 15 सुनवाई हुई जिसके बाद 13 मई को सभी पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और अब सोमवार 19 मई को कोर्ट ने रिव्यू पिटीशन को खारिज कर दिया है.
संभल हिंसा में गई थी 5 की जान
आपको बता दें संभल में पिछले साल 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान बवाल हुआ था, जिसमें 5 लोगों की मौत हुई थी और 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे. इस घटना के बाद योगी सरकार ने ऐसा एक्शन प्लान तैयार किया जिसने सबको हैरान कर दिया, इसके साथ ही संभल हिंसा मामले में कई कद्दावर नेताओं का भी अहम रोल की खबर सामने आई थी, जिसको लेकर पुलिस ने शिकंजा भी कसा और संभल में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम भी किए, जानकारी के मुताबिक संभल हिंसा की जांच SIT की टीम कर रही है.