Bharat Tiwari Encounter Case: पटना में आयोजित 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी गंभीर घटना को सरकार गंभीरता से लेती है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाती है। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब मामले की न्यायिक जांच शुरू हो चुकी है और पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक बहस जारी है।
न्यायिक जांच का किया उल्लेख
सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि भोजपुर में हुई घटना के बाद बिहार सरकार ने तत्काल न्यायिक आयोग के गठन का फैसला किया। उनका कहना था कि जांच का उद्देश्य सच्चाई को सामने लाना और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की प्रक्रिया को प्राथमिकता देती है।
पहले सवालों पर नहीं दिया था जवाब
मुख्यमंत्री का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। पत्रकारों के सवालों के बावजूद उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी थी। अब न्यायिक जांच शुरू होने के बाद उन्होंने कार्यक्रम के मंच से सरकार का पक्ष सामने रखा और बताया कि प्रशासन मामले को गंभीरता से देख रहा है।
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रिटायर्ड जज को सौंपी गई जांच
हाल ही में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में भोजपुर एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच को मंजूरी दी गई थी। जांच की जिम्मेदारी पटना हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा को सौंपी गई है। जांच प्रक्रिया के तहत वे घटनास्थल और संबंधित लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने बिलौटी गांव पहुंचकर परिजनों से भी बातचीत की और मामले की जानकारी जुटाई।
कार्यक्रम में कांग्रेस पर साधा निशाना
पटना के ज्ञान भवन में आयोजित 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम में कई वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान आपातकाल के मुद्दे को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अपने संबोधनों में आपातकाल को लोकतंत्र के लिए काला अध्याय बताते हुए कांग्रेस की नीतियों की आलोचना की। इस अवसर पर जेपी आंदोलन से जुड़े लोगों को सम्मानित भी किया गया।