बिहार के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी के एक बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। पटना में एक निजी चैनल के कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की संपत्ति को लेकर कड़ी टिप्पणी की। सम्राट चौधरी ने लालू प्रसाद को रजिस्टर्ड अपराधी बताते हुए चारा घोटाले का जिक्र किया और कहा कि उनकी संपत्तियों पर पहले से ही जांच एजेंसियों की कार्रवाई हो चुकी है। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
लालू की संपत्ति पर स्कूल खोलने का दावा
सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान के पास स्थित एक बंद पड़ी बिल्डिंग, जो लालू प्रसाद से जुड़ी बताई जा रही है, उसे खोला जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस इमारत में सरकारी स्कूल खोला जाएगा, जिससे बच्चों को फायदा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल खोलने से पहले भवन की मरम्मत कराई जाएगी। बातचीत में सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि सरकार अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्तियों को जब्त कर उनका इस्तेमाल जनहित के कामों में करेगी।
सरकार के रुख को जेडीयू-बीजेपी का समर्थन
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि अपराध से कमाई गई संपत्तियों को सीज कर उनमें स्कूल खोले जाएंगे। उनके मुताबिक कानून सभी के लिए बराबर है और अपराधी चाहे कोई भी हो, उसे कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। सम्राट चौधरी के इस बयान का जेडीयू और बीजेपी ने समर्थन किया है। दोनों दलों का कहना है कि सरकार कानून के दायरे में रहकर काम कर रही है और अवैध संपत्ति पर कार्रवाई जनहित में जरूरी है।
आरजेडी का पलटवार, बयान को बताया राजनीतिक
दूसरी ओर आरजेडी ने सम्राट चौधरी के बयान पर तीखा हमला बोला है। पार्टी प्रवक्ता एजाज अहमद ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी लगातार विवादित बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों और वंचितों के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बयान दे रही है। आरजेडी ने यह भी कहा कि किसी भी मंत्री को कानून हाथ में लेने की भाषा नहीं बोलनी चाहिए। इस पूरे विवाद ने बिहार की राजनीति में नया तनाव पैदा कर दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।