जापान ने अपने राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय लिखा है। साने ताकाइची (Sanae Takaichi) देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बन गई हैं। संसद के निचले सदन में हुए मतदान में उन्हें 149 के मुकाबले 237 वोट मिले। ताकाइची को उनके सख्त निर्णयों और दृढ़ नेतृत्व के लिए “आयरन लेडी ऑफ जापान” कहा जाता है। उनके प्रधानमंत्री बनने पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वैश्विक नेताओं ने बधाई दी है।
साने ताकाइची: ‘आयरन लेडी’ से प्रधानमंत्री तक का सफर
साने ताकाइची लंबे समय से जापान की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रही हैं। वे लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) की रूढ़िवादी धड़े की नेता हैं और दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की करीबी मानी जाती हैं। ताकाइची ने 2021 और 2024 में भी प्रधानमंत्री पद के लिए प्रयास किया था, लेकिन इस बार उन्हें बहुमत का समर्थन मिला। वे एक मजबूत सेना, कड़े आव्रजन कानून और जापान के शांतिवादी संविधान में संशोधन की पक्षधर हैं।
चुनौतियों से भरा होगा कार्यकाल
प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं। जापान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से मंदी से जूझ रही है। बढ़ती महंगाई और कमजोर उपभोक्ता मांग से जनता असंतुष्ट है। इसके अलावा, उन्हें अमेरिका-जापान संबंधों को संतुलित रखना होगा। पार्टी के भीतर असहमति और हालिया स्कैंडलों के बीच संगठन को एकजुट रखना भी उनके लिए परीक्षा की घड़ी होगी।
पीएम मोदी ने दी बधाई
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ताकाइची को जीत की बधाई देते हुए कहा कि वे उनके साथ मिलकर भारत–जापान की “विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी” को और मजबूत करने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि भारत और जापान के संबंध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।