उत्तर प्रदेश के इटावा जिला कानूनी उलझनों और राजनीतिक तनाव से घिर चुका है. दरअसल दांदरपुर गांव में दो कथावाचकों संत कुमार यादव और मुकुट मणि यादव के साथ सांप्रदायिक हिंसा हुई. कथावाचन के दौरान जाति को लेकर अचानक उपजे विवाद में झड़पें शुरू हो गईं. कथावाचकों के सिर मुंडवाए गए, उनकी चोटी काट दी गई और अपमानजनक कृत्य किए गए. गिरफ्तारी दर्ज करने से पहले पूछताछ में आरोप लगाया गया कि कथावाचकों ने खुद को ब्राह्मण बताया और छेड़खानी की कोशिश की थी. यहीं नहीं दो अलग अलग नाम वाले आधारकार्ड की बात भी सामने आई थी.
संत कुमार की संगीता यादव का बयान
संत कुमार यादव की पत्नी संगीता यादव ने इस घटना को गंभीर और निंदनीय बताया. उन्होंने कहा कि अगर आरोप सच होते तो पुलिस से मदद लेते, लेकिन बेरहमी से हुई हिंसा, चोटी काटना और मूत्र फेंकना पूरी तरह अपमानजनक है. संगीता ने बताया कि उनके पति और मुकुट मणि दोनों पहले निजी स्कूल में अध्यापक थे. स्कूल बंद होने पर भागवत कथा करने लगे थे और “शास्त्री” और “यादव” नाम से पहचाने जाते थे. संत कुमार की चार संताने (तीन बेटियां और एक बेटा) हैं जिनके पालन‑ पोषण की जिम्मेदारी भी है. उनके घर के हालत अच्छे नहीं हैं. वहीं दो आधार कार्ड के बारे में उन्होंने जानकारी न होने की बात कही.
गांव में हिंसा और पुलिस की कार्रवाई
कथावाचकों के समर्थकों को जिन्हें "अहीर रेजिमेंट" और यादव महासभा से जोड़कर देखा गया उन्होंने थाना घेरने के बाद पुलिस बल पर पत्थराव किया था. पुलिस ने लाठीचार्ज और हवा में फायरिंग की जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया.
वहीं अब तक मामले में कई आरोपी गिरफ्तार किये जा चुके हैं, जिनमें गगन यादव, आशीष तिवारी, उत्तम अवस्थी, निक्की अवस्थी और मनु दुबे हैं. फिलहाल मामला पुलिस जांच के लिए झांसी ट्रांसफर किया गया है ताकि निष्पक्षता बनी रहे.
घटना के बाद बढ़ी सियासत
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे “संत समाज और हिन्दू संस्कृति” का अपमान बताया और तीन दिन में कार्रवाई की मांग की. वहीं सांसद आदित्य यादव ने इसे जातीय साजिश बताया और व्यापक जांच व न्याय की मांग की.
दूसरी ओर ब्राह्मण महासभा ने भी कहा कि हिंसा गलत है पर कथावाचकों के कथित आरोपों की जांच भी होनी चाहिए. दोनों पक्षों पर एकतरफा कार्रवाई अस्वीकार्य है.
उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातीय नफरत फैलाने वालों को चेतावनी दी और कहा कि दोषियों पर “तत्काल, सख्त और कानूनसम्मत” कार्रवाई होनी चाहिए.