देश में उड़ान सेवाओं के चरमराने के बीच एक ऐसा वीडियो सामने आया जिसने लोगों की भावनाओं को झकझोर दिया है। लगातार उड़ानें रद्द होने और देरी की मार झेल रहे यात्रियों के बीच एक पिता अपनी बेटी की तकलीफ लेकर मदद मांगने पहुंचा, लेकिन उसे सहानुभूति की जगह ‘सॉरी’ सुनने को मिला। घटना ने विमानन सेवाओं में संवेदनशीलता की कमी और यात्रियों की बढ़ती मुश्किलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उड़ानें ठप, यात्रियों की परेशानी चरम पर
देशभर में जारी परिचालन संकट तीसरे दिन भी नहीं थमा। सैकड़ों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द होने से हजारों लोग एयरपोर्ट्स पर फंसे रहे। कई उड़ानें घंटों तक विलंबित रहीं, जिससे यात्रियों में गुस्सा और अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं। लोग सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे।
‘मेरी बेटी का ब्लीडिंग हो रहा है, प्लीज़ पैड दे दीजिए’—पर जवाब मिला सिर्फ ‘सॉरी’
वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि एक परेशान पिता काउंटर पर पहुंचकर अपनी बेटी के लिए सेनेटरी पैड की मांग करता है। वह बताता है कि उसकी बेटी को अचानक पीरियड शुरू हो गए हैं और उसे तुरंत पैड की जरूरत है।
लेकिन स्टाफ पहले हिचकिचाता है, फिर कड़े स्वर में मना कर देता है—
“सॉरी सर, हम यह उपलब्ध नहीं करा सकते।”
इस प्रतिक्रियाहीनता को देखकर लोग भड़क उठे। सोशल मीडिया पर हजारों यूजर्स ने इसे “मानवीय संवेदनाओं की कमी” और “अनुचित SOP” करार दिया।
परिचालन नियमों की मार, यात्रियों पर टूट रहा बोझ
विमानन क्षेत्र में हाल ही में लागू हुए नए कार्य-समय नियमों ने उड़ान शेड्यूल पर बड़ा असर डाला है। पायलटों और क्रू को अधिक आराम देना अनिवार्य होने से कई उड़ानें घटा दी गईं।
इसके चलते देरी और रद्दीकरण की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। यात्रियों को घंटों इंतजार, होटल खर्च और मानसिक तनाव जैसे दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्री बोले—उड़ानें देरी से हों, पर कम से कम संवेदनशीलता तो हो!
घटना के बाद लोग यह कहते नजर आए कि तकनीकी और परिचालन समस्या अलग बात है, लेकिन किसी महिला की स्वास्थ्य जरूरत पर “ना” कह देना बिल्कुल अस्वीकार्य है। ट्रैवल इंडस्ट्री में यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी बुनियादी जरूरतों को मानवीय दृष्टि से समझने की भी मांग तेज हो गई है।