Sanjay Dutt : बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की जिंदगी में कई ऐसे दौर आए, जब उन्हें मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा. इनमें साल 1993 का आर्म्स केस भी शामिल है. इस मामले ने न केवल अभिनेता की जिंदगी को प्रभावित किया, बल्कि उनके परिवार को भी भावनात्मक रूप से झकझोर दिया था. हाल ही में इस पुराने दौर को याद करते हुए संजय दत्त ने अपने पिता सुनील दत्त से जुड़ी एक भावुक घटना का जिक्र किया.
बेटे को हथकड़ी में देखकर भावुक हो गए थे पिता
संजय दत्त ने बताया कि जब उन्हें हथकड़ी लगाई गई थी, तब उनके पिता सुनील दत्त के लिए वह पल बेहद दर्दनाक था. अपने बेटे को इस हालत में देखना उनके लिए आसान नहीं था. एक पिता के तौर पर सुनील दत्त अपने बेटे को मुश्किलों में देखकर भावुक हो गए थे. संजय दत्त के मुताबिक, इस घटना ने उनके पिता को गहरा सदमा पहुंचाया था। यह किस्सा पिता और बेटे के बीच के गहरे रिश्ते को भी दर्शाता है.
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क्या था 1993 का आर्म्स केस?
साल 1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों के बाद संजय दत्त के पास अवैध हथियार रखने का मामला सामने आया था. इस मामले में अभिनेता को गिरफ्तार किया गया और उन्हें लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा. वर्ष 2007 में टाडा अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया था। इसके बाद 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें आर्म्स एक्ट के तहत दोषी मानते हुए पांच साल की सजा सुनाई. इसमें पहले से जेल में बिताया गया समय भी शामिल था.
मुश्किल समय में पिता बने सहारा
सुनील दत्त ने अपने बेटे के कठिन समय में उसका साथ दिया. संजय दत्त की जिंदगी का यह अध्याय बताता है कि किसी कानूनी मामले का असर केवल संबंधित व्यक्ति पर ही नहीं, बल्कि उसके परिवार पर भी पड़ता है। पिता का भावनात्मक समर्थन संजय दत्त के जीवन की इस कठिन कहानी का अहम हिस्सा रहा.