दिल्ली हाई कोर्ट में दिवंगत बिजनेसमैन संजय कपूर की वसीयत को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. संजय की मां रानी कपूर ने अदालत में आरोप लगाया है कि उनके बेटे की मौत का मातम मनाने के बजाय संजय की पत्नी प्रिया कपूर संपत्ति पर कब्जा करने में जुट गई हैं. रानी ने दावा किया कि मई 2023 से ही संजय और प्रिया के रिश्ते में गंभीर तनाव था. दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे और हालात इतने खराब थे कि संजय अपनी निजी जिंदगी को लेकर बेहद परेशान थे. यही वजह है कि रानी कपूर यह मानने को तैयार नहीं हैं कि उनका बेटा अपनी पूरी संपत्ति केवल प्रिया के नाम कर जाए.
'वसीयत के बारे में कोई जानकारी नहीं'
रानी कपूर ने कोर्ट में कहा कि उन्हें संजय की वसीयत के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उनके मुताबिक, वसीयत में उनका नाम तक नहीं है जबकि संजय अक्सर कहते थे कि उन्हें सब कुछ अपनी मां से मिला है. रानी के वकील ने जस्टिस ज्योति सिंह के सामने तर्क दिया कि अगर संजय सच में वसीयत बना रहे थे, तो कम से कम यह तो लिखते कि वे अपनी मां को कोई हिस्सा क्यों नहीं देना चाहते. यही वह कोर्टरूम है जहां करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बच्चे भी अपनी याचिका लड़ रहे हैं. वे भी प्रिया कपूर की कथित वसीयत को चुनौती दे रहे हैं और चाहते हैं कि उन्हें संपत्ति से बाहर न किया जाए.
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'प्रॉपर्टीज पर नियंत्रण करने की कोशिश'
रानी कपूर का आरोप है कि प्रिया ने संजय की मौत के तुरंत बाद उनकी प्रॉपर्टीज पर नियंत्रण करने की कोशिश की. रानी के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता वैभव गग्गर का दावा है कि अदालत में प्रिया ने जो संपत्ति की लिस्ट दी है, उसमें बड़ी मात्रा में संपत्ति छिपाई गई है. इनमें महंगी कलाकृतियां, बैंक बैलेंस, म्यूचुअल फंड, बीमा पॉलिसियां, किराये की आय और महंगी घड़ियां शामिल हैं. वकील ने यह भी कहा कि संजय कपूर के नाम पर मौजूद कई कीमती एसेट्स का जिक्र प्रिया जानबूझकर नहीं कर रही हैं.
अगली सुनवाई 3 दिसंबर को तय
कोर्ट ने इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 3 दिसंबर को तय की है. गौरतलब है कि संजय कपूर की मौत 12 जून को इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान दिल का दौरा पड़ने से हुई थी. अब सवाल यह है कि वसीयत असली है या फर्जी, और क्या सचमुच प्रिया कपूर ने संपत्ति का बड़ा हिस्सा छुपाया है? मामला कितना बड़ा रूप लेगा, इसका फैसला अब अदालत की अगली सुनवाई पर टिक गया है.