शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने और ज्यादा सीटें जीतने की कोशिश करेगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संख्या बल के आधार पर फैसले होते हैं, इसलिए शिवसेना की चुनावी सफलता एकनाथ शिंदे की मुख्यमंत्री पद पर वापसी की संभावना को मजबूत कर सकती है।
राउत की टिप्पणी की निंदा
इसके अलावा निरुपम ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की अभिजीत दिपके के समर्थन को लेकर आलोचना की और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सांसद संजय राउत की टिप्पणी की निंदा की।
लोगों और समूहों का साथ लेना पड़ रहा
संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने के लिए ऐसे लोगों और समूहों का साथ लेना पड़ रहा है, जिनका कोई मजबूत जनाधार नहीं है। उन्होंने अभिजीत दिपके और उनकी टीम को लेकर भी सवाल उठाए। निरुपम ने आरोप लगाया कि दिपके और उनकी टीम कई विवादों में घिरी हुई है और फर्जीवाड़े के कारण उनके लिए दोबारा आंदोलन खड़ा करना मुश्किल हो सकता है।
सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे
राजनीतिक आधार पर भी सवाल उठाए
शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि उद्धव ठाकरे ऐसे लोगों से जुड़कर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए शिवसेना (यूबीटी) के राजनीतिक आधार पर भी सवाल उठाए। संजय राउत के हालिया बयान पर निरुपम ने कहा कि राउत जिस तरह से सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं, वह उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। जिन लोगों के साथ राउत जुड़े हुए हैं, वे भी दिवाली की छुट्टियों पर जा रहे हैं।
भाषा पर संयम रखना चाहिए
निरुपम ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ राउत की टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए उसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि अमित शाह देश के गृह मंत्री हैं और उनके बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। निरुपम ने कहा कि राउत को अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए और राजनीतिक मुद्दों पर सभ्य तथा सौम्य तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमित शाह के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करने से बचना चाहिए।