ईडन गार्डन्स में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया के सामने साफ तस्वीर थी, जीतेंगे तो आगे बढ़ेंगे, हारेंगे तो सफर खत्म। सुपर-8 के आखिरी मैच में वेस्टइंडीज ने 195 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारत की शुरुआत डगमगाई और शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए। स्टेडियम में सन्नाटा सा था, लेकिन मैच की कहानी अभी बाकी थी।
संजू ने पलटी बाजी
क्रीज पर टिके संजू सैमसन ने हालात को समझते हुए पारी को संभाला। उन्होंने जल्दबाजी नहीं की, बल्कि गैप ढूंढकर रन बटोरे और मौका मिलते ही बड़े शॉट लगाए। 50 गेंदों में नाबाद 97 रन की उनकी पारी टी20 वर्ल्ड कप के रन चेज में भारतीय बल्लेबाजों की सबसे बड़ी पारियों में शामिल हो गई। 196 रन का लक्ष्य पार कर भारत ने नया रिकॉर्ड बना दिया और संजू का नाम खास लिस्ट में दर्ज हो गया।
टीम वर्क से मिली जीत
सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, गेंदबाजी में भी टीम ने अहम योगदान दिया। बुमराह ने बीच के ओवरों में विकेट निकालकर वेस्टइंडीज की रफ्तार रोकी। हालांकि आखिरी ओवरों में कुछ बड़े शॉट लगे, लेकिन लक्ष्य काबू में रहा। बल्लेबाजी में तिलक वर्मा और हार्दिक पांड्या ने जरूरी रन जोड़कर संजू का साथ निभाया। जीत पूरी टीम के सामूहिक प्रयास से आई।
तीसरी बार सेमीफाइनल में इंग्लैंड
अब 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत का सामना इंग्लैंड से होगा। लगातार तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में दोनों टीमें टकराएंगी। पिछली दो भिड़ंत में जो भी टीम जीती, वही आगे जाकर चैंपियन बनी। इसलिए यह मुकाबला सिर्फ सेमीफाइनल नहीं, बल्कि खिताब की चाबी माना जा रहा है।
इतिहास क्या कहता है
2022 में इंग्लैंड ने भारत को हराकर ट्रॉफी जीती थी। 2024 में भारत ने इंग्लैंड को मात देकर खिताब अपने नाम किया। अब 2026 में फिर वही कहानी दोहराने का मौका है। रिकॉर्ड बताता है कि इस टक्कर का विजेता अक्सर वर्ल्ड चैंपियन बनता है।
अब नजरें वानखेड़े पर
196 रन का पहाड़ पार करने के बाद टीम इंडिया आत्मविश्वास से भरी है। संजू की फॉर्म, बुमराह की धार और पांड्या का अनुभव इंग्लैंड के लिए चुनौती होगा। अब देखना है कि तीसरी भिड़ंत में किसका पलड़ा भारी रहता है और कौन फाइनल की टिकट पक्की करता है।